Haridwar: नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने भाजपा सांसद के भाई पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस में की शिकायत
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नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने भाजपा सांसद के सगे भाई पर कई आरोप लगाए हैं। पुलिस को दी शिकायत में ट्रस्ट ने फर्जी नियुक्तियां, फर्जी चुनाव, 160 बीघा ग्राम समाज भूमि की कथित बिक्री, 1988 से बिना वैध लीज सरकारी भूमि पर कॉलेज-होटल व दुकानों का संचालन, करोड़ों की सरकारी धन निकासी, सरकारी अभिलेख गायब करने और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाया है।
नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने धनौरी स्थित नेशनल इंटर कॉलेज से जुड़े कथित बहुचर्चित शिक्षा एवं भूमि घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार को विस्तृत आपराधिक शिकायत प्रेषित की है। संस्था के सचिव प्रियांशु काम्बोज द्वारा दी गई शिकायत में कॉलेज के प्रबंधक आदेश कुमार व अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अनेक गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की एसआईटी व विजिलेंस जांच कर तत्काल एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कथित रूप से फर्जी सदस्यता एवं अवैध चुनावों के आधार पर गठित प्रबंध समिति ने वर्ष 2012 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की फर्जी नियुक्तियां कर वर्षों तक राज्य कोष से करोड़ों रुपये का वेतन, महंगाई भत्ता, एरियर तथा अन्य सेवा लाभ प्राप्त किए। यह भी कहा गया है कि उत्तराखंड शासन व शिक्षा विभाग की विभिन्न जांचों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बावजूद अब तक कॉलेज प्रबंधक आदेश कुमार एवं प्रबंध समिति के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायत के अनुसार, कॉलेज प्रबंधक आदेश कुमार एवं प्रबंध समिति ने लगभग 160 बीघा ग्राम समाज की शैक्षणिक भूमि, जिसका बाजार मूल्य लगभग 50 करोड़ बताया गया है, को कथित रूप से मात्र 7.42 करोड़ में हस्तांतरित कर अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया। इसके अतिरिक्त वर्ष 1988 से बिना वैध लीज सरकारी भूमि पर कॉलेज का संचालन, उसी भूमि पर होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं दुकानों का संचालन कर निजी लाभ अर्जित करने तथा सिंचाई विभाग की भूमि पर कथित अतिक्रमण के भी आरोप लगाए गए हैं।
संस्था ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रबंधक द्वारा वर्ष 2012 में चतुर्थ श्रेणी नियुक्तियों, चुनावों एवं भूमि संबंधी महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख गायब कर दिए गए, जिससे जांच प्रभावित हुई। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि शासन स्तर पर कई पत्राचार एवं जांच होने के बावजूद प्रभावशाली राजनीतिक संरक्षण के कारण अब तक दोषियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में भाजपा की राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी के भाई आदेश कुमार की भूमिका की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए विधि विशेषज्ञ कृष्णकांत ने कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान का मामला नहीं, बल्कि राज्य कोष, ग्राम समाज की सार्वजनिक संपत्ति एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा अत्यंत गंभीर प्रकरण है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर पूर्व में हुई जांचों के बावजूद यदि अब तक आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई है तो इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संस्था ने कॉलेज प्रबंधक आदेश कुमार एवं प्रबंध समिति के विरुद्ध एसआईटी एवं विजिलेंस जांच, तत्काल एफआईआर, संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच, सरकारी धन की वसूली तथा दोषियों के विरुद्ध विधि के अनुसार कठोर कार्रवाई की मांग की है।