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Haridwar: अखाड़ा परिषद को जाएगा वाराणसी में होने वाले शास्त्रार्थ के लिए पहला न्योता, 15 संत हो सकते हैं शामिल

संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 31 Oct 2022 07:12 PM IST
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सार

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने के बाद गद्दी को लेकर विवाद गहरा गया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बतौर स्वामी स्वरूपानंद के शिष्य शंकराचार्य की गद्दी पर विराजमान हो गए।

Haridwar News: first invitation will give to Akhara Parishad for saints debate to be held in Varanasi
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
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विस्तार

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की गद्दी के लिए 13 नवंबर को वाराणसी में होने वाले शास्त्रार्थ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। काशी विद्वत परिषद, अखिल भारतीय विद्वत परिषद और शंकराचार्य परिषद की ओर से आज मंगलवार से शास्त्रार्थ के लिए संतों को आमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहला न्योता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष तो दूसरा आमंत्रण पत्र स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को भेजा जाएगा। 

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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने के बाद गद्दी को लेकर विवाद गहरा गया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बतौर स्वामी स्वरूपानंद के शिष्य शंकराचार्य की गद्दी पर विराजमान हो गए। संन्यासी अखाड़ों के विरोध के बाद अखिल भारतीय विद्वत परिषद, काशी विद्वत परिषद और शंकराचार्य परिषद ने भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य मानने से इन्कार कर दिया। योग्य शंकराचार्य चयन के लिए वाराणसी में शास्त्रार्थ का आह्वान कर दिया। 
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13 नवंबर को वाराणसी में शास्त्रार्थ होना है। इसके लिए तीस विद्वानों का पैनल भी बनाया गया है। शंकराचार्य परिषद अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप के मुताबिक मंगलवार से शास्त्रार्थ के लिए संतों को आमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे। पहला पत्र अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी (निरंजनी) को भेजा जाएगा। श्रीमहंत किसी भी संन्यासी संत को शास्त्रार्थ के लिए नामित कर सकते हैं। स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि दूसरा आमंत्रण पत्र स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को भेजा जाएगा। शास्त्रार्थ में 15 से अधिक संतों के प्रतिभाग करने की संभावना है। 

शास्त्रार्थ का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया जाएगा। शंकराचार्य बनने के इच्छुक संत को 30 विद्वानों के समक्ष मठाम्नाय ग्रंथ पर शास्त्रार्थ कर अपनी योग्यता सिद्ध करनी होगी। 
- स्वामी आनंद स्वरूप, अध्यक्ष शंकराचार्य परिषद 

शास्त्रार्थ कहां और कौन करवा रहा है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। आयोजकों की ओर से अभी तक कोई संपर्क नहीं किया है। आठ नवंबर के बाद संन्यासी अखाड़ों के संतों की बैठक बुलाई जानी है। इसकी तैयारी चल रही है। 
- श्रीमहंत रविंद्रपुरी, अध्यक्ष अखाड़ा परिषद (निरंजनी)

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