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Dehradun News: शिक्षकों की संख्या, प्रयोगात्मक कक्षा और साधनों के आधार पर मिलेंगी सीटें
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श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध परिसरों, महाविद्यालयों और संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नए प्रवेश नियम लागू कर दिए गए हैं। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और निर्धारित तिथियों के भीतर ही पूरी करनी होगी।
इतना ही नहीं किसी पाठ्यक्रम के अध्यापन के लिए शिक्षकों की संख्या, प्रयोगात्मक कक्षाओं में स्थान व साधनों की उपलब्धता के आधार पर ही प्रवेश के लिए सीटों की संख्या निर्धारित की जाएगी। विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और पोर्टल स्वतः लॉक हो जाएगा। नियमों के मुताबिक सभी अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य होगा, इसके आधार पर ही मेरिट सूची तैयार की जाएगी। काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही संस्थानों को अंतिम सूची उपलब्ध करा दी जाएगी।
प्रवेश के समय अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना होगा, साथ ही स्वयं उपस्थित होकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विवि ने साफ किया है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत करने पर प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।
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अगर कोई छात्र धोखाधड़ी से प्रवेश लेता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अनुशासनहीनता, आपराधिक गतिविधियों या निष्कासन के मामलों में भी प्रवेश पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा न करने वाले छात्रों का प्रवेश भी रद्द किया जा सकता है।
इतना ही नहीं किसी पाठ्यक्रम के अध्यापन के लिए शिक्षकों की संख्या, प्रयोगात्मक कक्षाओं में स्थान व साधनों की उपलब्धता के आधार पर ही प्रवेश के लिए सीटों की संख्या निर्धारित की जाएगी। विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और पोर्टल स्वतः लॉक हो जाएगा। नियमों के मुताबिक सभी अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य होगा, इसके आधार पर ही मेरिट सूची तैयार की जाएगी। काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही संस्थानों को अंतिम सूची उपलब्ध करा दी जाएगी।
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प्रवेश के समय अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराना होगा, साथ ही स्वयं उपस्थित होकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विवि ने साफ किया है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत करने पर प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।
अगर कोई छात्र धोखाधड़ी से प्रवेश लेता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अनुशासनहीनता, आपराधिक गतिविधियों या निष्कासन के मामलों में भी प्रवेश पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा न करने वाले छात्रों का प्रवेश भी रद्द किया जा सकता है।