महरगांव आपदा: एक साथ जली मां-बेटे की चिताएं; मासूम रुद्राक्ष को पैतृक घाट पर दी गई अंतिम विदाई
धीरेंद्र सिंह को उनके बड़े बेटे सौरव और मां मथुरा देवी को उनके बड़े बेटे सतेंद्र ने मुखाग्नि दी। हादसे के बाद से ही परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
द्वारीखाल ब्लॉक के महरगांव में मंगलवार सुबह भवन ढहने से मलबे में दबकर जान गंवाने वाले धीरेंद्र सिंह और उनकी मां मथुरा देवी का बुधवार को कोटद्वार मुक्तिधाम में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
धीरेंद्र सिंह को उनके बड़े बेटे सौरव और मां मथुरा देवी को उनके बड़े बेटे सतेंद्र ने मुखाग्नि दी। हादसे के बाद से ही परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है। उधर, दो वर्षीय रुद्रांश को उसके परिजन सतपुली के पास अपने पैतृक गांव बंदूण ले गए जहां पैतृक घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया।
महरगांव के ग्राम प्रधान अमित नेगी ने बताया कि मंगलवार देर शाम धीरेंद्र सिंह का शव भी मलबे से बरामद कर लिया गया था। जिलाधिकारी की मौजूदगी में तीनों के शवों का गांव में ही पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद दो वर्षीय मासूम रुद्राक्ष का शव परिजन अपने साथ सतपुली के पास स्थित अपने गांव बंदूण (दुधारखाल) ले गए।
शव के गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। मासूम का शव देखकर बच्चे, बुजुर्ग और जवान सभी बिलख पड़े। बुधवार को पैतृक घाट पर रुद्राक्ष का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, महरगांव समेत आसपास के गांवों के पैतृक घाटों के जलमग्न होने की स्थिति में क्षेत्रवासी धीरेंद्र सिंह और उनकी मां मथुरा देवी के शव को कोटद्वार मुक्तिधाम में लाए। मुक्तिधाम में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान कांग्रेस नेता राजपाल बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, जिला पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह नेगी, ग्राम प्रधान अमित नेगी, भाजपा नेता शैलेंद्र सिंह बिष्ट गढ़वाली, चैलूसैंण टैक्सी यूनियन अध्यक्ष मुकेश भंडारी, कोषाध्यक्ष बृजमोहन सिंह नेगी मौजूद रहे।