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Dehradun News: क्वांसी पीएचसी में एक महीने से डॉक्टर नहीं, 100 से अधिक गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं ठप
Thu, 30 Jul 2026 07:26 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Thu, 30 Jul 2026 07:26 PM IST
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जौनसार-बावर के पर्वतीय क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) क्वांसी में पिछले एक माह से चिकित्सक का पद खाली होने से सात खतों के 100 से अधिक गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। डॉक्टर के स्थानांतरण के बाद से अस्पताल केवल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। मजबूरी में ग्रामीणों को छोटी-छोटी बीमारियों के उपचार के लिए भी विकासनगर और देहरादून का रुख करना पड़ रहा है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक और शारीरिक बोझ बढ़ गया है।
व्यापार मंडल क्वांसी ने इस समस्या को लेकर कुछ दिन पहले धरना-प्रदर्शन भी किया था। व्यापार मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पवार और यशपाल सिंह रावत ने बताया कि कई बार स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सक की नियुक्ति की मांग की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने एक सप्ताह के भीतर डॉक्टर भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी तैनाती नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने बिना चिकित्सक के परामर्श के दवा वितरण का विरोध करते हुए फार्मासिस्ट से दवा लेने से साफ इनकार कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता चंदन राणा ने कहा कि चिकित्सक के अभाव में क्षेत्र की जनता बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से भी वंचित है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पीएचसी में डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई तो क्षेत्र में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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व्यापार मंडल क्वांसी ने इस समस्या को लेकर कुछ दिन पहले धरना-प्रदर्शन भी किया था। व्यापार मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पवार और यशपाल सिंह रावत ने बताया कि कई बार स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सक की नियुक्ति की मांग की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने एक सप्ताह के भीतर डॉक्टर भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी तैनाती नहीं हो सकी है।
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ग्रामीणों ने बिना चिकित्सक के परामर्श के दवा वितरण का विरोध करते हुए फार्मासिस्ट से दवा लेने से साफ इनकार कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता चंदन राणा ने कहा कि चिकित्सक के अभाव में क्षेत्र की जनता बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से भी वंचित है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पीएचसी में डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई तो क्षेत्र में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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