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माफिया और अराजक तत्वों में कानून का भय समाप्त : गोदियाल
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-शिक्षा व वन विभाग कार्यालय में हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में माफिया, अराजक तत्वों में कानून का भय समाप्त हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों पर प्रायोजित हमले किए जा रहे हैं। इससे कानून व्यवस्था के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था ध्वस्त हो रही है।
गोदियाल ने शिक्षा निदेशालय व वन विभाग के आशारोड़ी रेंज कार्यालय में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में जमीन, शराब व खनन माफिया हाबी हो चुके हैं। राजधानी देहरादून में लगातार आपराधिक वारदातें हो रही हैं। सत्तारूढ़ दल के विधायक के नेतृत्व में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर कार्यालय में हुए हमले को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। विद्यालय का नाम परिवर्तित करना किसी अधिकारी के अधिकार में नहीं होता है, यह निर्णय सरकार के स्तर पर लिया जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोनों घटनाओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी, ठोस और दीर्घकालिक व्यवस्था की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में माफिया, अराजक तत्वों में कानून का भय समाप्त हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों पर प्रायोजित हमले किए जा रहे हैं। इससे कानून व्यवस्था के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था ध्वस्त हो रही है।
गोदियाल ने शिक्षा निदेशालय व वन विभाग के आशारोड़ी रेंज कार्यालय में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में जमीन, शराब व खनन माफिया हाबी हो चुके हैं। राजधानी देहरादून में लगातार आपराधिक वारदातें हो रही हैं। सत्तारूढ़ दल के विधायक के नेतृत्व में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर कार्यालय में हुए हमले को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। विद्यालय का नाम परिवर्तित करना किसी अधिकारी के अधिकार में नहीं होता है, यह निर्णय सरकार के स्तर पर लिया जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोनों घटनाओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी, ठोस और दीर्घकालिक व्यवस्था की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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