उत्तराखंड: मंत्री रेखा आर्या प्रकरण, गिरधारी के करीबियों से एसआईटी ने की पूछताछ, दबिश के दौरान रडार पर आए
मंत्री रेखा आर्या की शिकायत से जुड़े मामले में जांच टीम अलग-अलग शहरों में संपर्कों और कारोबारी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। एसआईटी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के साथ पूछताछ के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद की जांच में एसआईटी ने अपना दायरा बढ़ा दिया है। बरेली, हल्द्वानी और दिल्ली में दबिश देकर जानकारी जुटाने के साथ ही टीम ने गिरधारी लाल साहू के करीबियों से भी पूछताछ की है। जांच टीम इन लोगों से गिरधारी से जुड़े कारोबारी लेनदेन, कंपनियों के कामकाज और विवाद से संबंधित जानकारियां जुटा रही है।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और संपर्कों के आधार पर एसआईटी आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम मंत्री रेखा आर्या की शिकायत में लगाए गए आरोपों की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। दूसरे शहरों में दबिश और करीबियों से पूछताछ को इसी जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है।
जांच में उन कंपनियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, जिनसे जुड़े पदों और दस्तावेजों में कथित हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं। एसआईटी कंपनी के मूल दस्तावेजों, हस्ताक्षरों, वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित दस्तावेजों में बदलाव कैसे और किन परिस्थितियों में हुए। इसके लिए उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से मिली जानकारियों का मिलान किया जा रहा है।
फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही
एसआईटी मंत्री रेखा आर्या के बयान भी दर्ज कर चुकी है। उन्होंने जांच टीम को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। इसमें कथित तौर पर उन्हें और उनके नाबालिग बच्चों को नुकसान पहुंचाने की साजिश से जुड़ी बातचीत होने का दावा किया गया है। टीम रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और आवाजों के मिलान के लिए फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। हालांकि, गिरधारी लाल साहू इस ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार फर्जी रिकॉर्डिंग बता चुके हैं।
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इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। एसआईटी प्रभारी एसपी देहात जया बालोनी ने बताया कि टीम फिलहाल बयानों, दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित लोगों से मिली जानकारियों का मिलान कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी।