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एक देश-एक चुनाव: समिति ने टटोली उत्तराखंड की नब्ज, कहा-एक साथ चुनाव पर विरोध करने वालों के तर्क स्पष्ट नहीं
Wed, 21 May 2025 11:37 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 21 May 2025 11:37 PM IST
सार
दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आई जेपीसी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, एनटीपीसी, एनएचपीसी, टीएचडीसी औैर आरईसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों के साथ भी एक साथ चुनाव के विषय पर चर्चा कर और उनकी राय जानी।
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एक देश एक चुनाव को लेकर संवाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक राष्ट्र-एक चुनाव पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए इसे जरूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि इस पर विरोध करने वालों के तर्क स्पष्ट नहीं हैं।
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दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आई जेपीसी ने बुधवार को मसूरी रोड स्थित होटल में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, एनटीपीसी, एनएचपीसी, टीएचडीसी औैर आरईसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों के साथ भी एक साथ चुनाव के विषय पर चर्चा कर और उनकी राय जानी। इस दौरान मीडिया से बातचीत में जेपीसी के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि देश में वर्ष 1967 तक 15 साल एक साथ चुनाव हुए, उससे कोई अराजकता नहीं फैली। जिन राज्यों में अभी भी लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, वे खुश हैं। जो लोग या दल विरोध कर रहे हैं, वह उसे स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
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चौधरी ने कहा कि एक साथ चुनाव होने पर सबसे बड़ा फायदा लोकतंत्र की मजबूती का होगा। मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोचना है कि हम लोकतंत्र को मजबूत करना चाहें तो हमारे मतदाताओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि बार-बार चुनाव, फ्री राशन, फ्री बिजली...जैसे मुद्दों पर इंदिरा गांधी बनाम राजनारायण केस में सुप्रीम कोर्ट फ्री एंड फेयर इलेक्शन के खिलाफ मान चुका है। वोटर को राशन नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य का प्रलोभन देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी मजबूत होगा तो हमारा देश मजबूत होगा। प्रधानमंत्री की यही सोच है, तभी भारत विकसित बनेगा।
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समिति कल इनसे करेगी चर्चा
बृहस्पतिवार को समिति सबसे पहले राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के साथ गृह, वित्त, विधि, शिक्षा विभागों के प्रमुखों, पुलिस महानिदेशक के साथ चर्चा करेगी। दोपहर बाद बार काउंसिल के पदाधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, आईआईटी रुड़की के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेगी और उनके सुझाव लेंगे। स्थानीय स्तर की प्रमुख हस्तियों के साथ चर्चा के लिए भी एक सत्र निर्धारित किया गया है। बुधवार को सुबह समिति सदस्यों ने एक घंटा योग भी किया।
एक राष्ट्र, एक चुनाव पर देश में उत्साह : बलूनी
गढ़वाल सांसद एवं संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य अनिल बलूनी ने कहा कि वे सभी हितधारकों, राजनीतिक दलों, प्रशासनिक, स्थानीय सेलिब्रिटी से बातचीत कर रहे हैं। एक देश- एक चुनाव पर उनकी राय ली जा रही है। उत्तराखंड में भी इसी हिसाब से बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि देश में उत्साह है। एक देश-एक चुनाव होगा तो उसके फायदे होंगे। केंद्र सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम करती है। जब बिल संसद में आया तो विपक्ष ने जेपीसी के गठन की मांग की। सरकार ने स्वीकार किया। अब जेपीसी पूरे देश में लोगों से बातचीत कर रही है। अन्य राज्यों में भी जाएंगे। उत्तराखंड राज्य के लिए एक देश एक चुनाव महत्वपूर्ण है। दुर्गम इलाके होने के कारण यहां ज्यादा संसाधन लगते हैं। समिति जहां जा रहा है वहां इसे लेकर सकारात्मक माहौल है। लोगों में इसे कानून बनाकर जल्द लागू करने की जिज्ञासा है।