Pithoragarh Army Recruitment: युवाओं का लौटना शुरू, वापसी में भी सभी बसें फुल, ट्रेनें भी खचाखच भरकर गईं
सुबह से ही पूर्णागिरि जन शताब्दी, दिल्ली, त्रिवेणी एक्सप्रेस के साथ ही सिंगरौली और बरेली तक चलने वालीं सभी पैसेंजर ट्रेनें युवाओं से खचाखच भर कर निकलीं।
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प्रादेशिक सेना भर्ती से बृहस्पतिवार सुबह से ही यूपी के युवाओं का लौटना शुरू हो गया। विभिन्न रोडवेज डिपो की बसों के साथ टनकपुर से चलने वालीं ट्रेनें भी फुल रहीं। बता दें कि पिछले कुछ दिन से प्रादेशिक सेना की भर्ती में यूपी के युवाओं का जाने और वहां से लौटने से नगर में काफी जमावड़ा रहा। पहले प्रशासन युवाओं को पिथौरागढ़ भेजने और अब वापस भेजने में जुटा है।
चंपावत सदर के एसडीएम सौरभ असवाल, तहसीलदार जगदीश गिरि, सीओ शिवराज सिंह राणा आदि दिनभर युवाओं को भेजने की व्यवस्थाओं में जुटे नजर आए। एसडीएम सदर ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पीलीभीत चुंगी में बसों और ट्रेनों की व्यवस्था का जायजा लिया।
सुबह से ही पूर्णागिरि जन शताब्दी, दिल्ली, त्रिवेणी एक्सप्रेस के साथ ही सिंगरौली और बरेली तक चलने वालीं सभी पैसेंजर ट्रेनें युवाओं से खचाखच भर कर निकलीं। युवाओं की टोलियां जिस भी डिब्बे में बैठीं उनका ही राज हो गया। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 3:30 बजे की ट्रेन में और अधिक युवा बरेली के लिए रवाना हुए। रेलवे की ओर से रात में बरेली तक दो स्पेशल ट्रेन का संचालन दूसरे दिन भी जारी रहा।
बदला गया था ट्रेनों का समय
एसडीएम सदर सौरभ असवाल ने बताया कि डीएम की ओर से रेलवे से वार्ता कर बुधवार को बरेली तक दो स्पेशल ट्रेनों का समय बदला गया। एक का समय रात 8:30 से बढ़ाकर 9:30 बजे और दूसरी का समय 9:30 से 11 बजे कर दिया था। रेलवे अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि बृहस्पतिवार से दोनों ट्रेनें पूर्व की भांति 8:30 बजे और 9:30 बजे ही चलाई जा रही हैं। बताया कि दो स्पेशल ट्रेनों के अलावा अन्य एक्सप्रेस और पैसेंजर से हजारों युवा लौट गए हैं। स्टेशन में पुलिस और जीआरपी तैनात रही। साथ ही पीलीभीत चुंगी और रोडवेज परिसर में भी पुलिस तैनात रही। युवाओं का लौटना रात तक जारी रहा।
विभिन्न रोडवेज डिपो की 50 बसें पिथौरागढ़ रूट पर दौड़ाईं
टनकपुर (चंपावत)। एआरएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि कोटद्वार डिपो की सात, ऋषिकेश डिपो की चार, देहरादून पर्वतीय डिपो की चार समेत टनकपुर, लोहाघाट समेत अन्य डिपो की कुल 50 बसों को पिथौरागढ़ रूट में दौड़ाया गया। कुछ मिनट के अंतराल में सवारी उतारकर बसें वापस जाती रहीं। कोटद्वार डिपो की एक बस के परिचालक सुनील रावत ने बताया कि वह सवारी लेकर तुरंत वापस पिथौरागढ़ जा रहे हैं।