Rishikesh: चूर्ण समझकर चूहे मारने की दवा खा गए एक ही परिवार के चार बच्चे, तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
बच्चों की दादी कि ओर से घर पर तैयार किया गया चूहे मारने का चूर्ण एक डिब्बे में रखा हुआ था। खेल-खेल में बच्चों ने उस डिब्बे को खोलकर देखा और उसे खाने योग्य चूर्ण समझ लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ढालवाला स्थित महंत प्लॉट क्षेत्र में एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों ने चूर्ण समझकर चूहे मारने की दवा खा ली, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों में अफरा तफरी मच गई और सभी बच्चों को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। समय रहते उपचार मिलने से बड़ा हादसा होने से बच गया।
बच्चों के पिता भज राम भट्ट ने बताया कि बुधवार दोपहर परिवार के सभी सदस्य किसी काम से बाजार गए हुए थे, जबकि चारों बच्चे घर पर ही मौजूद थे। इसी दौरान बच्चों की दादी कि ओर से घर पर तैयार किया गया चूहे मारने का चूर्ण एक डिब्बे में रखा हुआ था।
खेल-खेल में बच्चों ने उस डिब्बे को खोलकर देखा और उसे खाने योग्य चूर्ण समझ लिया। इसके बाद बच्चों ने करीब एक से डेढ़ चम्मच तक वह पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।
Uttarakhand: एलयूसीसी चिटफंड धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, पांच लोगों को किया गिरफ्तार
किसी को उल्टी हुई तो किसी को चक्कर आने लगे। परिजन जब घर लौटे और बच्चों की हालत देखी तो घबरा गए। आनन-फानन सभी बच्चों को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया।
राजकीय उपजिला चिकित्सालय के डॉ. संतोष पंथ ने बताया कि सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार कर उनके शरीर से जहर निकाल दिया गया है। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।