Chamoli: पुजारी के कमरे में वनवास काट रही माता सीता की मूर्ति, बीकेटीसी के संज्ञान न लेने से लोगों में आक्रोश
चाई गांव में सीता माता का प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन है। मगर यह मंदिर कई वर्षों से जर्जर बना हुआ है। बीकेटीसी भी मंदिर का निरीक्षण कर चुकी है।
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चाई गांव में स्थित सीता माता मंदिर जर्जर हालत में पहुंच चुका है लेकिन तीन साल बाद भी न तो इसकी मरम्मत की गई और न ही इसका पुनर्निर्माण किया गया। ऐसे में तीन साल से माता सीता की मूर्ति को पुजारी के मकान के एक कक्ष में रखा गया है।
बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों और अधिकारियों ने तीन साल पहले मंदिर का निरीक्षण कर इसकी मरम्मत का खाका भी तैयार किया मगर अभी तक स्थिति नहीं बदली। इससे लोगों में समिति के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
विकासखंड ज्योतिर्मठ के चाई गांव में सीता माता का प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन है। मगर यह मंदिर कई वर्षों से जर्जर बना हुआ है। तीन साल पहले जब मंदिर की छत से प्लास्टर झड़ने लगा तो स्थानीय लोगों ने यहां से माता सीता की मूर्ति को मंदिर के पास ही पुजारी के मकान में शिफ्ट कर दिया। उस समय बीकेटीसी ने मंदिर के जल्द मरम्मत की बात कही थी।
मंदिर की हालात जर्जर
उसके बाद कई मौकों पर बीकेटीसी के अधिकारी व पदाधिकारी यहां गए और मंदिर की मरम्मत जल्द शुरू कराने की बात कही लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई प्रगति नहीं हो पाई है। चाई गांव निवासी ईश्वर चौहान, दिलीप सिंह, अखिलेश पंवार, मनोज बिष्ट का कहना है कि मंदिर की हालात जर्जर बनी हुई है।
माता सीता की मूर्ति को पास में ही पुजारी के मकान में रखा गया है। मंदिर बनाने के लिए कई बार बीकेटीसी को लिखित व मौखिक रूप से बता चुके हैं लेकिन समिति कोई संज्ञान नहीं ले रही है। समिति को जल्द से जल्द मंदिर के निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
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सीता मंदिर का निरीक्षण किया गया है। इसके जीर्णोद्धार की योजना बनाई जा रही है। कुछ दानी दाताओं से बात चल रही है। जीर्णशीर्ण मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। सीता माता मंदिर को भी व्यवस्थित किया जाएगा। -हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति