Uttarakhand: हाईकोर्ट से राहत के बाद पूर्व विधायक राठौर घर लौटे, बोले-अंकिता के नाम पर राजनीति कर रही कांग्रेस
पूर्व विधायक राठौर ने कहा कि अंकिता के नाम पर कांग्रेस राजनीति कर रही। मीडिया के सामने बोले उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
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पूर्व विधायक सुरेश राठौर बहादराबाद थाने में दर्ज रिपोर्ट के मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद बृहस्पतिवार को हरिद्वार लौट आए। ज्वालापुर स्थित अपने आवास पर पहुंचे राठौर ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वे न्याय के लिए पूरी तरह आश्वस्त हैं और सच्चाई सामने आने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
पूर्व विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब तक उन्हें पूरी तरह न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे। राठौर ने इसे अपनी निजी आस्था और संकल्प बताया। अंकिता भंडारी प्रकरण में राठौर ने कहा कि समाज और प्रदेश का माहौल जानबूझकर बिगाड़ा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उर्मिला के कारण स्थिति बिगड़ी और कांग्रेस ने अंकिता के नाम पर राजनीति करते हुए जनभावनाओं का दुरुपयोग किया।
दावा किया सोची-समझी साजिश
राठौर का दावा है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके साथियों को भी रिपोर्ट में घसीटने का प्रयास किया गया। राठौर ने यह भी कहा कि रविदास पीठ की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैंने न तो किसी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और न ही किसी का अपमान किया। यदि किसी मामले में कोई दोषी बच गया है तो उस पर सरकार जो भी निर्णय लेगी, वह स्वीकार्य होगा।
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वायरल ऑडियो पर पूर्व विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि तकनीक के इस दौर में एआई के माध्यम से आवाज तैयार करना संभव है। उन्होंने मांग की कि ऑडियो की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। बता दें कि 27 दिसंबर को बहादराबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक करीब 11 दिनों तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे।