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पानी के व्यावसायिक इस्तेमाल पर लगेगा जल कर
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 22 Dec 2016 09:06 AM IST
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कृषि एवं कृषि संबंधित कार्यों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में पानी का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों को जल कर देना होगा।
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जल कर प्रदेश की नदियों, नहरों के पानी के साथ-साथ भूमिगत जल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी देय होगा। इस संबंध में शासनादेश (जीओ) जारी कर दिया गया है। पानी के व्यावसायिक इस्तेमाल पर चार रुपये से पंद्रह रुपये प्रति किलो लीटर की दर से जल कर देना होगा। जीओ के मुताबिक जल कर एक अप्रैल 2016 से वसूला जाएगा और हर साल इसमें 10 फीसदी की वृद्धि की जाएगी।
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प्रदेश में भूमिगत जल के दोहन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन एक्ट लागू किया गया है। इस एक्ट का दूसरा मकसद जल संसाधन से प्रदेश के लिए राजस्व जुटाना भी है। इस एक्ट के मुताबिक प्रोसेसिंग इंडस्ट्री जहां पानी का इस्तेमाल कूलिंग और वाशिंग के लिए किया जाता है, उनको 1.50 रुपये से पांच पांच रुपये प्रति किलो लीटर की दर से जल कर देना होगा।
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पानी का कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को आठ रुपये से 25 रुपये प्रति किलो लीटर से जल कर भुगतान करना होगा। जल कर की व्यवस्था पूर्व में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ नई स्थापित होने वाली इकाइयों पर लागू होगी।
रियूज करने वालों को मिलेगी 10 फीसदी की छूट
जल संरक्षण एवं जल संवर्धन एक्ट के तहत उन इकाइयों को जल कर में दस फीसदी की छूट दी जाएगी जो पानी को रि साइकिल और रियूज करने की व्यवस्था खुद के संसाधन से करेंगी। इस व्यवस्था का मकसद जल के उपयोग में न्यूनतम 25 फीसदी की बचत करना है।
प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं भू-जल के अनियंत्रित दोहन को सीमित करने के उद्देश्य से पानी के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रॉयल्टी निर्धारित करने फैसला लिया गया है। जल कर की व्यवस्था एक अप्रैल 2016 से लागू कर दी गई है।
- आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव, सिंचाई