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Dehradun News: ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी
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ऑटोमेटेड क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 160 लोगों से करीब 12 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
रायपुर क्षेत्र निवासी अनूप सिंह ने आरोपी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली निवासी घासीपुरा, मुजफ्फरनगर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) देहरादून की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है।
अदालत के आदेश पर रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। लविश के खिलाफ रायपुर थान में ही दुर्गा बहादुर गुरुंग की तहरीर पर भी 25 करोड़ रुपये ठगी का मामला दर्ज है।
आरोपी लविश पर बोटब्रो, यॉर्कर एफएक्स, यॉर्कर कैपिटल, बोट अल्फा, क्रॉस मार्केट, टीएलसी क्वाइन, माइन क्रिप्टो नाम से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित करने और इनके जरिये निवेशकों को हर महीने पांच से छह प्रतिशत तक रिटर्न देने का दावा करने का आरोप है।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब तीन वर्ष पहले आरोपी और उसके प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, वेबसाइट और बैठकों के माध्यम से निवेश के लिए लोगों को जोड़ा।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बड़ी संख्या में निवेशकों से रकम जमा कराने के बाद पिछले वर्ष अक्तूबर से निकासी रोक दी गई। इसके बाद आरोपी के गायब होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक देहरादून क्षेत्र में ही 140 से 160 लोग इस कथित ठगी से प्रभावित हैं और रकम करीब 12 करोड़ रुपये है।
अनूप सिंह ने अदालत को बताया कि उन्होंने 24 अक्तूबर 2025, 13 मार्च 2026 और 23 मई 2026 को रायपुर थाने में शिकायत दी। एसएसपी देहरादून को भी 16 मार्च 2026 को शिकायत भेजी गई, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
इसके बाद अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश देने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच, डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल और कथित ठगी में शामिल अन्य लोगों की पहचान की मांग की है। रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
तीन हजार करोड़ से ज्यादा के घोटाले का अनुमान
देहरादून में बोटब्रो, बोट अल्फा, क्रॉस मार्केट और माइन क्रिप्टो जैसी कंपनियों के नाम पर दून में पहले ही करीब 25 करोड़ की ठगी का मामला सामने आ चुका है। रायपुर थाने में दुर्गा बहादुर गुरुंग की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज है। इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक यह घोटाला देश भर में तीन हजार करोड़ से बड़े निवेश नेटवर्क से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। मुख्य सूत्रधार दुबई में बैठा निवेश कारोबारी लविश चौधरी बताया जा रहा है। आरोपियों ने निवेशकों को झांसा दिया कि इन प्लेटफॉर्म्स पर क्रिप्टोकरेंसी और एआई-फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिये हर महीने 5 से 10 फीसदी तक का पक्का रिटर्न मिलेगा। ठगी को प्रामाणिक दिखाने के लिए जालसाजों ने देहरादून के नामी होटलों में बड़े-बड़े सेमिनार, सोशल मीडिया ग्रुप्स और जूम मीटिंग्स का आयोजन किया। निवेशकों को विश्वास में लेने के लिए बिजनेस आईडी और लाइसेंस के नाम पर भी शुल्क वसूला गया।
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रायपुर क्षेत्र निवासी अनूप सिंह ने आरोपी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली निवासी घासीपुरा, मुजफ्फरनगर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) देहरादून की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है।
अदालत के आदेश पर रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। लविश के खिलाफ रायपुर थान में ही दुर्गा बहादुर गुरुंग की तहरीर पर भी 25 करोड़ रुपये ठगी का मामला दर्ज है।
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आरोपी लविश पर बोटब्रो, यॉर्कर एफएक्स, यॉर्कर कैपिटल, बोट अल्फा, क्रॉस मार्केट, टीएलसी क्वाइन, माइन क्रिप्टो नाम से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित करने और इनके जरिये निवेशकों को हर महीने पांच से छह प्रतिशत तक रिटर्न देने का दावा करने का आरोप है।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब तीन वर्ष पहले आरोपी और उसके प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, वेबसाइट और बैठकों के माध्यम से निवेश के लिए लोगों को जोड़ा।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बड़ी संख्या में निवेशकों से रकम जमा कराने के बाद पिछले वर्ष अक्तूबर से निकासी रोक दी गई। इसके बाद आरोपी के गायब होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक देहरादून क्षेत्र में ही 140 से 160 लोग इस कथित ठगी से प्रभावित हैं और रकम करीब 12 करोड़ रुपये है।
अनूप सिंह ने अदालत को बताया कि उन्होंने 24 अक्तूबर 2025, 13 मार्च 2026 और 23 मई 2026 को रायपुर थाने में शिकायत दी। एसएसपी देहरादून को भी 16 मार्च 2026 को शिकायत भेजी गई, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
इसके बाद अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश देने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच, डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल और कथित ठगी में शामिल अन्य लोगों की पहचान की मांग की है। रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
तीन हजार करोड़ से ज्यादा के घोटाले का अनुमान
देहरादून में बोटब्रो, बोट अल्फा, क्रॉस मार्केट और माइन क्रिप्टो जैसी कंपनियों के नाम पर दून में पहले ही करीब 25 करोड़ की ठगी का मामला सामने आ चुका है। रायपुर थाने में दुर्गा बहादुर गुरुंग की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज है। इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक यह घोटाला देश भर में तीन हजार करोड़ से बड़े निवेश नेटवर्क से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। मुख्य सूत्रधार दुबई में बैठा निवेश कारोबारी लविश चौधरी बताया जा रहा है। आरोपियों ने निवेशकों को झांसा दिया कि इन प्लेटफॉर्म्स पर क्रिप्टोकरेंसी और एआई-फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिये हर महीने 5 से 10 फीसदी तक का पक्का रिटर्न मिलेगा। ठगी को प्रामाणिक दिखाने के लिए जालसाजों ने देहरादून के नामी होटलों में बड़े-बड़े सेमिनार, सोशल मीडिया ग्रुप्स और जूम मीटिंग्स का आयोजन किया। निवेशकों को विश्वास में लेने के लिए बिजनेस आईडी और लाइसेंस के नाम पर भी शुल्क वसूला गया।