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शिक्षक भर्ती : नियुक्ति पत्र देने के बाद अब संदेह पर जांच करा रहा विभाग
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प्राथमिक शिक्षकों की 1670 पदों पर भर्ती का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में प्राथमिक के शिक्षकों की 1670 में से 1168 पदों पर भर्ती के बाद अब विभाग संदेह के आधार पर प्रकरण की जांच करा रहा है। अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा पदमेंद्र सकलानी के मुताबिक शिक्षकों का चयन सेवा नियमावली के तहत किया गया है। जिन प्रकरणों में संदेह है, उनकी संबंधित संस्थाओं से जांच कराई जा रही है।
प्रदेश में पहले प्राथमिक शिक्षक के 2900 पदों के बाद अब 1670 पदों पर प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती चल रही है। भर्ती में फर्जी स्थायी प्रमाण से डीएलएड कर कुछ अभ्यर्थी नियुक्ति पा चुके हैं। उत्तराखंड की तरह यूपी और मध्यम प्रदेश में डीएलएड के लिए पूर्व में उस राज्य का स्थायी निवासी होना जरूरी था, इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थियों ने डीएलएड करने के लिए पहले इन बाहरी राज्यों के स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाए। इसके बाद उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक के पदों पर भर्ती होने के लिए उत्तराखंड के स्थायी निवासी बना दिए। इसके अलावा अन्य राज्यों से विवाह के बाद उत्तराखंड आई महिलाएं टीईटी में आरक्षण का लाभ लेने के बाद सामान्य वर्ग से शिक्षक भर्ती में चयनित हो गईं। शिक्षक भर्ती के कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि जब बाहरी राज्यों से विवाह के बाद उत्तराखंड आई महिलाओं के लिए नौकरी में आरक्षण पर रोक है तो टीईटी में आरक्षण का लाभ देकर इन्हें नियुक्ति कैसे दे दी गई। वहीं, दिव्यांग कोटे से नियुक्त शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बल्कि मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता की जांच कराई जाए ताकि नियुक्तियों में पारदर्शिता बनी रहे और केवल पात्र अभ्यर्थी ही नियुक्ति पा सकें।
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जिला स्तर से चल रही भर्ती में नियमों का पालन कराया जा रहा है। शिक्षक भर्ती के 1670 में से 1168 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। जिनमें संदेह है उनका परीक्षण कराया जा रहा है। -पदमेंद्र सकलानी अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा
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देहरादून। प्रदेश में प्राथमिक के शिक्षकों की 1670 में से 1168 पदों पर भर्ती के बाद अब विभाग संदेह के आधार पर प्रकरण की जांच करा रहा है। अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा पदमेंद्र सकलानी के मुताबिक शिक्षकों का चयन सेवा नियमावली के तहत किया गया है। जिन प्रकरणों में संदेह है, उनकी संबंधित संस्थाओं से जांच कराई जा रही है।
प्रदेश में पहले प्राथमिक शिक्षक के 2900 पदों के बाद अब 1670 पदों पर प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती चल रही है। भर्ती में फर्जी स्थायी प्रमाण से डीएलएड कर कुछ अभ्यर्थी नियुक्ति पा चुके हैं। उत्तराखंड की तरह यूपी और मध्यम प्रदेश में डीएलएड के लिए पूर्व में उस राज्य का स्थायी निवासी होना जरूरी था, इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थियों ने डीएलएड करने के लिए पहले इन बाहरी राज्यों के स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाए। इसके बाद उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक के पदों पर भर्ती होने के लिए उत्तराखंड के स्थायी निवासी बना दिए। इसके अलावा अन्य राज्यों से विवाह के बाद उत्तराखंड आई महिलाएं टीईटी में आरक्षण का लाभ लेने के बाद सामान्य वर्ग से शिक्षक भर्ती में चयनित हो गईं। शिक्षक भर्ती के कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि जब बाहरी राज्यों से विवाह के बाद उत्तराखंड आई महिलाओं के लिए नौकरी में आरक्षण पर रोक है तो टीईटी में आरक्षण का लाभ देकर इन्हें नियुक्ति कैसे दे दी गई। वहीं, दिव्यांग कोटे से नियुक्त शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बल्कि मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता की जांच कराई जाए ताकि नियुक्तियों में पारदर्शिता बनी रहे और केवल पात्र अभ्यर्थी ही नियुक्ति पा सकें।
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जिला स्तर से चल रही भर्ती में नियमों का पालन कराया जा रहा है। शिक्षक भर्ती के 1670 में से 1168 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। जिनमें संदेह है उनका परीक्षण कराया जा रहा है। -पदमेंद्र सकलानी अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा
