फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uniform Civil Code Awareness about marriage registration increased in Uttarakhand resulting in 24-fold increas

Uniform Civil Code: उत्तराखंड में विवाह पंजीकरण को लेकर बढ़ी जागरूकता, हुई 24 गुना की बढ़ोतरी

Mon, 12 Jan 2026 08:16 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 12 Jan 2026 08:16 PM IST
सार

सीएम धामी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही राज्य में यूसीसी लागू करने का फैसला किया। सभी औपचारिकताएं और जनमत संग्रह करने के बाद प्रदेश में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी कानून लागू कर दिया गया। अब विवाह पंजीकरण को लेकर प्रदेश में जागरूकता बढ़ी है।

विज्ञापन
Uniform Civil Code Awareness about marriage registration increased in Uttarakhand resulting in 24-fold increas
- फोटो : Adobe Stock Image

विस्तार

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह पंजीकरण में 24 गुना बढ़ोतरी हुई है। यूसीसी से लोगों में विवाह पंजीकरण कराने के लिए जागरूकता बढ़ी है।

विज्ञापन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का संकल्प लिया था और पार्टी के सत्ता में आने पर उन्होंने यह संकल्प पूरा किया।
विज्ञापन


सीएम धामी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही राज्य में यूसीसी लागू करने का फैसला किया। सभी औपचारिकताएं और जनमत संग्रह करने के बाद प्रदेश में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी कानून लागू कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री का यह ऐतिहासिक फैसला सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम है। यह कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है और इसका उद्देश्य हर वर्ग या समुदाय के सभी नागरिकों खास तौर से महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करना है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव इन रिलेशनशिप और इनसे जुड़े मुद्दों को यूसीसी में शामिल किया गया है।

राष्ट्रीय युवा दिवस: सीएम की घोषणा, उत्तराखंड में बनेगा स्वामी विवेकानंद काॅरिडोर, युवाओं को किया सम्मानित

इस कानून में जहां महिला व पुरुषों के लिए विवाह की उम्र निर्धारित कर दी गई है। वहीं सभी धर्मों में तलाक और दूसरी प्रक्रिया के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। इस कानून के लागू होने से महिलाओं को बहुविवाह व हलाला जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली है।

यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण में तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने बाद जुलाई 25 तक यानी छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक पहुंच गई है, जबकि वर्ष 2010 में लागू पुराने एक्ट के तहत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3.30 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण हुए थे। प्रतिदिन का औसत देखा जाए तो पुराने एक्ट के अनुसार प्रतिदिन विवाह पंजीकरण की औसत संख्या मात्र 67 थी, जो यूसीसी लागू होने बाद 1634 पहुंच गई है।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य सरकार का ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। यूसीसी का उद्देश्य किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान देना है। विवाह पंजीकरण में आई अभूतपूर्व वृद्धि यह दर्शाती है कि जनता ने इस कानून को स्वीकार किया है और इसे सामाजिक सुधार के रूप में देखा है। राज्य ने पूरे देश को एक नई दिशा देने का कार्य किया है और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाएंगे।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed