सालाना उर्स: बड़ी रोशनी पर कलियर दरगाह में उमड़ा जायरीनों का सैलाब, कव्वालियों ने बांधा समां
बड़ी रोशनी पर दरगाह साबिर पाक को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। महफिलखाने में खत्म शरीफ का आयोजन किया गया, जिसके बाद महफिले समां हुई।
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साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स और 12 रबीउलअव्वल (ईद मिलादुन्नबी) पर बड़ी संख्या में जायरीन कलियर पहुंचे। जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक पर चादर और फूल पेश कर मन्नतें मांगीं। साथ ही इमाम साहब, किलकिली साहब समेत अन्य दरगाहों पर भी जायरीनों ने जियारत की।
बड़ी रोशनी पर दरगाह साबिर पाक को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। महफिलखाने में खत्म शरीफ का आयोजन किया गया, जिसके बाद महफिले समां हुई। सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुसी ने बड़ी रोशनी की रस्म अदा कराई। इस दौरान साहिबजादा शाह यावर एजाज साबरी, शाह खालिक मियां, यासिर एजाज साबरी समेत दूर-दराज से आए सूफी, खादिम और अकीदतमंद मौजूद रहे। इस दौरान देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ की गई। सुबह से ही दरगाह में जायरीनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दरगाह परिसर में जायरीनों को रुकने नहीं दिया गया।
बड़ी रोशनी पर दरगाह साबिर पाक को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। महफिलखाने में खत्म शरीफ का आयोजन किया गया, जिसके बाद महफिले समां हुई।
एक गेट से प्रवेश कराकर दूसरे गेट से बाहर निकाला गया। बृहस्पतिवार को उर्स की कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इस मौके पर शाह सुहैल, शाह असद साबरी, मुनव्वर अली साबरी, शाह गाजी, सलीम उदयपुरी, सूफी राशिद साबरी, सूफी इसरार साबरी, अदनान साबरी और नॉमी मियां साबरी, नमीर साबरी समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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मस्जिदों और मदरसों में हुई महफिले मिलाद
ईद मिलादुन्नबी पर कलियर क्षेत्र की मस्जिदों और मदरसों में महफिले मिलाद और कुरआनख्वानी का आयोजन किया गया। उलेमाओं ने पैगंबर-ए-पाक हजरत मुहम्मद मुस्तफा की सीरत और सुन्नतों पर अमल करने की नसीहत की। उलेमाओं ने तकरीर करते हुए कहा कि ईद मिलादुन्नबी हमें अपने प्यारे नबी की सीरत और सुन्नतों पर चलने का पैगाम देती है। मुसलमानों को इस दिन को केवल जश्न तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि नबी-ए-पाक की बताई राह पर चलकर समाज में मोहब्बत, अमन और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। दरगाह साबरी जामा मस्जिद में इमाम हाफिज सऊद साबरी ने तिलावते कलाम पाक से कार्यक्रम की शुरुआत की। देशभर से आए कारी, हाफिज और उलेमाओं ने किरात, नात और मनकबत पेश की।
ईद मिलादुन्नबी पर निकला जुलूस-ए-मुहम्मदी
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मदरसा दारुल उलूम कादरिया बरकाते रजा की ओर से जुलूस-ए-मुहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मदरसे के छात्र, उलेमा और जायरीन शामिल हुए। जुलूस मदरसे से शुरू होकर दरगाह साबिर पाक और अब्दाल साहब से होते हुए वापस मदरसे पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान अकीदतमंदों ने नात और सलाम पेश किए। मदरसा प्रबंधक मौलाना गुलाम नबी नूरी ने देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ की। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर कलियर के अलावा बढ़ेड़ी राजपूतान, ज्वालापुर, सुल्तानपुर, गढ़मीरपुर, लक्सर और लंढौरा समेत आसपास के क्षेत्रों में भी जुलूस निकाले गए।
जायरीनों से गुलजार हुआ कलियर, कव्वालियों ने बांधा समां
दरगाह साबिर पाक, इमाम साहब और किलकिली साहब जाने वाले मार्गों पर दिनभर जायरीनों की लंबी कतारें लगी रहीं। बड़ी रोशनी की रात दरगाह में जियारत के लिए जायरीनों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ का आलम यह रहा कि कई मार्गों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। दरगाह साबिर पाक पर चादर और फूल पेश करने के लिए जायरीन अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। उर्स के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे सूफी कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर महफिलों में रूहानी रंग जमा दिया। दरगाह क्षेत्र की गलियों और चौक-चौराहों पर जगह-जगह कव्वाली की महफिलें सजीं। देर रात तक जायरीन सूफियाना कलाम का आनंद लेते रहे। उर्स अपने चरम पर पहुंचने के साथ ही पूरे कलियर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।