उत्तराखंड के चमोली जिले में 7120 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंट त्रिशूल फतह कर कीर्तिमान स्थापित करने जा रही 13 वर्षीय काम्या कार्तिकेयन भी दल के साथ लापता है। काम्या 23 सितंबर को अपने पिता नौ सेना में कमांडर कार्तिकेयन सुंदरम और जवानों के साथ माउंट त्रिशूल फतह के लिए जिले के सुतोल गांव से निकली थी, लेकिन शुक्रवार को त्रिशूल चोटी के कैंप थ्री पर ग्लेशियर टूटने से दल के पांच जवान और एक शेरपा (क्लाइविंग विशेषज्ञ) के लापता होने की सूचना है।
हिमस्खलन: नौसेना के दल के साथ त्रिशूल चोटी फतह करने निकली 13 साल की काम्या भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, तस्वीरें...
शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे माउंट त्रिशूल के कैंप-थ्री पर अचानक हिमस्खलन आने से दल के कैंप भी तबाह हो गए। वहीं, वन विभाग और जिला प्रशासन को दल ने पर्वतारोहण की सूचना नहीं दी थी। घटना की सूचना के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम के साथ गौचर में हेलीकाप्टर को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन को भी पुख्ता सूचना नहीं है कि दल में कितने लोग शामिल थे।
बदरीनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया कि मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक से चार लोगों को माउंट त्रिशूल के पर्वतारोहण की अनुमति मिली थी। इनमें नौ सेना के कमांडर कार्तिकेयन सुंदरम, उनकी 13 वर्षीय बेटी काम्या कार्तिकेयन, निहार संदीप शौले और आदित्य गुप्ता शामिल थे।
निम के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि रेस्क्यू टीम में निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट, प्रशिक्षक दीप शाही व सौरभ रौतेला शामिल हैं। हालांकि, जोशीमठ में मौसम खराब होने के कारण टीम आगे नहीं बढ़ पाई। कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि मौसम साफ होते ही आगे बढ़ा जाएगा।
