सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Uttarakhand Budget Session 2026 In Gairsain Question Hour Law and order issues heated up in House

बजट सत्र: सदन में गरमाया वन्य जीव हमले, कानून व्यवस्था और वनाग्नि का मुद्दा, पक्ष-विपक्ष में हुई तीखी बहस

अमर उजाला ब्यूरो, भराड़ीसैंण(चमोली) Published by: Alka Tyagi Updated Tue, 10 Mar 2026 10:36 PM IST
विज्ञापन
सार

Uttarakhand Budget Session 2026: चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने सदन में अंकिता हत्याकांड मामले को उठाया। वहीं, वनाग्नि और जंगली जानवरों के मद्दे पर भी सदन में खूब बहस हुई।

Uttarakhand Budget Session 2026 In Gairsain Question Hour Law and order issues heated up in House
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार

गैरसैंण में बजट सत्र के दौरान सदन में कानून व्यवस्था का मुद्दा गरमाया रहा। चर्चा के दौरान कई बार पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सदन में नियम 310 के तहत कानून व्यवस्था का प्रस्ताव पटल पर रखा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने इसे नियम 58 में कार्यस्थगन में स्वीकार किया। कानून व्यवस्था पर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने किसान सुखविंदर सिंह की आत्महत्या मामले में कहा, प्रकरण की जांच की जा रही है। सरकार किसी अपराधी को संरक्षण देने का काम नहीं कर रही। जांच में चाहे कितना बड़ा व्यक्ति क्यों न हो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

Trending Videos


राज्य में शत प्रतिशत अपराध दर्ज किए जा रहे हैं। पिछले नौ साल में 89 प्रतिशत घटनाओं का अनावरण किया गया है। दलगत भावना से ऊपर उठकर कार्रवाई की गई है, यदि किसी अपराध की घटना में भाजपा से जुड़े व्यक्ति का नाम आया है तो उसे भी गिरफ्तार किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने यशपाल आर्य ने राज्य में कानून व्यवस्था के मामले को उठाते हुए कहा, राज्य में अपराधी बेखौफ हैं, देहरादून, हरिद्वार सहित विभिन्न जिलों में कई हत्याएं हो चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड बजट सत्र: दूसरे दिन चार अध्यादेश व 11 विधेयक पेश, विपक्ष का हंगामा, पांच बार स्थगित हुई कार्यवाही

चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने सदन में अंकिता हत्याकांड मामले को उठाया। हरीश धामी, भुवन कापड़ी, ममता राकेश, विक्रम सिंह नेगी, मनोज तिवारी, सुमित ह्दयेश, अनुपमा रावत ने महिला अपराध और पिछले दिनों हुई हत्याओं के प्रकरणों को उठाया।

हरीश धामी व अनुपमा ने उठाया विशेषाधिकार हनन का मामला
कांग्रेस विधायक हरीश धामी व अनुपमा रावत ने विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने मामले का परीक्षण कर मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंपने का निर्णय दिया।

हरीश धामी ने कहा, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी से आपदा प्रभावित क्षेत्रों के कार्यों की जानकारी मांगी गई। लेकिन जिला प्रशासन ने पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष के माध्यम से पत्र भेजा गया। प्रशासन की ओर से विधायकों की ओर से मांगी जानकारी का जवाब देना उचित नहीं समझा गया। वहीं, विधायक अनुपमा रावत ने कहा, हरिद्वार जिले में सरकारी कार्यक्रम व बैठकों की उन्हें कोई सूचना नहीं दी जा रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के मामलों का परीक्षण करा कर विशेषाधिकार समिति को सौंपने का निर्णय दिया। 

सदन में गरमाए वन्य जीव हमले, वनाग्नि व वन भूमि हस्तांतरण के मुद्दे

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन में वन्य जीव हमले के साथ वनाग्नि व वन भूमि हस्तांतरण के मुद्दे गरमा गए। विपक्ष के साथ ही सत्तापक्ष के विधायकों ने वन मंत्री सुबोध उनियाल को घेरा। विधायकों ने कहा, वन भूमि की अनुमति न मिलने के कारण विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। जिन विकास कार्यों में वन भूमि हस्तांतरित नहीं होनी है, ऐसे मामलों में फॉरेस्ट क्लीयरेंस का पेच फंसाया जा रहा है।

सदन में भाजपा विधायक खजान दास, विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, राम सिंह कैड़ा समेत कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, हरीश धामी, विक्रम सिंह नेगी, अनुपमा रावत ने वन्य जीव हमले, वनाग्नि व वन भूमि हस्तांतरण के मामले को उठाया। विधायक चमोली ने कहा कि नेशनल हाईवे का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन जो पुराने रास्ते थे, उन्हें बंद किया गया। मुन्ना चौहान ने कहा, वन भूमि हस्तांतरण के कारण कई विकास कार्य अवरुद्ध हो रहे हैं।

जिन विकास कार्यों में वन भूमि हस्तांतरण नहीं होना है, उसमें भी वन विभाग की ओर से अनुमति मांगी जा रही है। वन अधिनियम में स्पष्ट है कि जब किसी काम से वन भूमि का स्वरूप बदलता है तो ऐसे काम के लिए अनुमति ली जाए। विधायक भरत चौधरी ने कहा, वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति नहीं मिल रही है। विधायक आशा नौटियाल ने कहा, पर्यटन स्थल चोपता में देश विदेश से पर्यटक आते हैं। लेकिन वन अधिनियम एक्ट के चलते वहां पर कोई सुविधाएं नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विधायकों के सवालों को सही मानते हुए वन मंत्री को वन भूमि हस्तांतरण के मामले में विभागीय अधिकारियों से बैठक कर परीक्षण कराया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed