{"_id":"69cbd91c51c943014e0013fa","slug":"uttarakhand-news-1-105-crore-sanctioned-for-rishikesh-bypass-four-laning-central-government-green-signal-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपलब्धि: ऋषिकेश बाईपास फोरलेन के लिए 1105 करोड़ की मंजूरी, केंद्र सरकार से परियोजना को हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपलब्धि: ऋषिकेश बाईपास फोरलेन के लिए 1105 करोड़ की मंजूरी, केंद्र सरकार से परियोजना को हरी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Tue, 31 Mar 2026 08:02 PM IST
विज्ञापन
सार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों व प्रभावी पैरवी से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनएच-7 पर तीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक बाईपास का निर्माण किया जाएगा।
फोरलेन मार्ग
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
विज्ञापन
विस्तार
केंद्र सरकार ने ऋषिकेश बाईपास के फोरलेन निर्माण कार्य के लिए 1105.79 करोड़ की वित्तीय व प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। 12.67 किमी. बाईपास निर्माण से ऋषिकेश शहर में यातायात जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
Trending Videos
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों व प्रभावी पैरवी से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनएच-7 पर तीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक बाईपास का निर्माण किया जाएगा। 12.670 किलोमीटर लंबा यह बाईपास भट्टोवाला एवं ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोलीकांड पर सीएम धामी सख्त: कुठालगेट चौकी इंचार्ज और उप आबकारी निरीक्षक निलंबित, अधिकारियों को कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। यह परियोजना राज्य के समग्र विकास व बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार राज्य के दूरस्थ व शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्रालय के अनुसार, बाईपास परियोजना के लिए शुरूआत में 1151.18 करोड़ का अनुमान था। इसे संशोधित कर 1105.79 करोड़ की स्वीकृति दी गई। परियोजना को तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी। निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएगी। मंत्रालय ने देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्माण कार्य के लिए आहरण एवं संवितरण अधिकारी नामित किया गया है।