Uttarakhand: उत्तराखंड अब पूर्ण साक्षर राज्य घोषित, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
Uttarakhand News: उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने संबंधित प्रस्ताव बीते दिनों कैबिनेट में आया था। आज राज्यपाल ने इसे मंजूरी दे दी है।
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नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 और यूएलएलएएस (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के मानकों को पूरा करने के मद्देनजर, गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड को पूरी तरह से साक्षर राज्य घोषित करने को मंज़ूरी दे दी है।
Dehradun | In view of fulfilling the standards of the National Education Policy (NEP), 2020 and the ULLAS (Understanding Lifelong Learning for All in Society) Nav Bharat Saksharta Karyakram, Governor Lt Gen Gurmeet Singh has approved the declaration of Uttarakhand as a fully… pic.twitter.com/aJrqxlh2tF
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 8, 2026विज्ञापन
98 फीसदी से अधिक हुई प्रदेश की साक्षरता दर
राज्य की साक्षरता दर 98 फीसदी से अधिक हो गई है। शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य ने भारत सरकार के उल्लास (अंडरस्टैंडिंग लाइफलॉन्ग लर्निंग फॉर ऑल इन सोसाइटी) कार्यक्रम के तहत निर्धारित साक्षरता मानकों को पूरा कर लिया है। उल्लास कार्यक्रम के तहत प्रदेश में वयस्कों के लिए बुनियादी साक्षरता, जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल और सतत शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं, कॉरपोरेट इकाइयों और जागरूक नागरिकों के सहयोग से गांवों को गोद लिया गया। निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाया गया, जिसमें मुख्य रूप से महिलाएं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित समूह शामिल थे। उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई जहां महिला साक्षरता दर 60 प्रतिशत से कम थी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि अब तक पांच राज्य मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
ऐसे तय होता है पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा
केंद्र सरकार के उल्लास कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षर का दर्जा तय किया जाता है। यह 15 साल से अधिक उम्र के लोगों की शिक्षा पर केंद्रित होता है। सरकार के अनुसार, जब किसी राज्य में वयस्कों की शिक्षा दर करीब 95 प्रतिशत या उससे अधिक हो जाती है। साथ ही, गैर-साक्षर लोगों तक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हो जाता है। तब उसे पूर्ण साक्षर राज्य माना जाता है।