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उत्तराखंड: राज्य कर विभाग ने दो माइक्रो ब्रेवरीज और आठ बार-क्लबों में मारे छापे, 2.5 करोड़ की कर चोरी पकड़ी

Sat, 24 Oct 2026 10:17 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Sat, 24 Oct 2026 10:17 PM IST
सार

जांच में सामने आया कि दोनों माइक्रो ब्रेवरीज वैट अधिनियम के तहत बिना किसी अनिवार्य पंजीयन के संचालित की जा रही थीं। उत्पादित बीयर की बिक्री पर वैट जमा नहीं किया जा रहा था।

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Uttarakhand State Tax Department raids two microbreweries and eight bars/clubs uncovers tax evasion
टैक्स - फोटो : amar ujala graphics

विस्तार

उत्तराखंड राज्य कर विभाग ने देहरादून में टैक्स चोरी और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त कर प्रतीक जैन के निर्देश पर जॉइंट कमिश्नर (कार्यपालक) अनुराग मिश्रा और उपायुक्त अजय बिरथरे के नेतृत्व में आठ टीमों ने शहर के दो प्रमुख माइक्रो ब्रेवरीज और करीब आठ बार, क्लब व रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों पर एक साथ औचक छापेमारी की। जांच के दौरान वैट और जीएसटी नियमों के उल्लंघन के कई गंभीर मामले उजागर हुए हैं।

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जांच में सामने आया कि दोनों माइक्रो ब्रेवरीज वैट अधिनियम के तहत बिना किसी अनिवार्य पंजीयन के संचालित की जा रही थीं। उत्पादित बीयर की बिक्री पर वैट जमा नहीं किया जा रहा था। उपायुक्त अजय बिरथरे के अनुसार, प्रथम दृष्टया दोनों इकाइयों में लगभग 2.5 करोड़ रुपये का ऐसा टर्नओवर पकड़ा गया है, जिस पर कर देयता बनती है। संचालकों ने नियमों की अनभिज्ञता का हवाला देते हुए अपनी गलती स्वीकार कर ली है और देय कर व ब्याज जमा करने पर सहमति जताई है।
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इसके अलावा, कई बार और क्लब संचालकों ने भी शराब बिक्री पर वैट पंजीयन न लेने की बात स्वीकारी। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ बार संचालकों ने रेस्टोरेंट सेवाओं पर जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं की थी। गलती स्वीकारते हुए संचालकों ने मौके पर ही करीब 11.5 लाख रुपये का तत्काल भुगतान किया। वहीं, एक नामी क्लब ने इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत दावा स्वीकार करते हुए अगली मासिक विवरणी में 33 लाख रुपये की आईटीसी रिवर्स करने की लिखित सहमति दी।

विभाग ने बिना वैट पंजीयन चल रहे सभी प्रतिष्ठानों को तत्काल पंजीकरण कराने का सख्त निर्देश दिया है और नियमानुसार लेट फीस व अर्थदंड लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी करने वालों के खिलाफ यह प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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