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Dehradun News: नेविगेशन के कारण तो नहीं हुआ हादसा... पुलिस करेगी जांच
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पर्यटन नगरी मसूरी के झड़ीपानी में बुधवार को बेकाबू कार खाई में गिरने से चार पर्यटकों की जान चली गई। हादसे में पुलिस घटना के कारणों की जांच पड़ताल में जुटी है। माना जा रहा है कि कार का ब्रेक फेल हो गया या फिर ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबा दिया गया। वहीं नेविगेशन के कारण राह भटकने से भी दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है।
प्रथमदृष्टया ब्रेक फेल होना या ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबाने को हादसे का कारण माना जा रहा है। साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि नेविगेशन भी हादसे का कारण हो सकता है। पुलिस के अनुसार, जांच में देखा जाएगा कि क्या मृतकों ने मोबाइल पर मैप से यात्रा की है। कारणों की जांच कर निकट भविष्य के लिए ठीक किया जाएगा और टेक्निकल कमियों को दूर किया जाएगा। भट्टा गांव निवासी गौरव रावत ने कहा कि मसूरी आने वाले कई पर्यटक जब मैप से यात्रा करते हैं तो झड़ीपानी वाले रास्ते से गलती से आ जाते हैं। वहीं झड़ीपानी -कोल्हूखेत मार्ग बेहद संकरा है, बाहर से आने वाले पर्यटकों को इस रास्ते की पूरी जानकारी नहीं रहती है। इस कारण कई बार हादसे का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार मोबाइल पर मैप की गलत जानकारी के कारण भी घटनाएं हो रही हैं।
Iहादसे की दृष्टि से संवेदनशील है ये जगह
I
झड़ीपानी के जिस स्थान पर हादसा हुआ है वो दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील बन चुका है। कुछ माह पूर्व भी यहां एक कार गहरी खाई में गिर गई थी, हालांकि उस समय वाहन सवार लोग पहले ही बाहर निकल चुके थे और जनहानि नहीं हुई थी। इसके अलावा पूर्व में एक व्यक्ति की खाई में गिरने से मृत्यु भी हो चुकी है तथा कई अन्य दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं। यहां सुरक्षा उपाय की आवश्यक्ता है।
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Iदुर्गम पहाड़ियों के कारण बचाव टीमों को चुनाैतियों का करना पड़ा सामना
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मसूरी के रेस्क्यू वॉरियर्स दिगंबर उर्फ टीटू ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। दुर्घटनास्थल अत्यधिक ढलान वाली पहाड़ी पर स्थित था, जहां पहुंचने के लिए कोई स्पष्ट रास्ता नहीं था तथा घनी झाड़ियों ने रेस्क्यू कार्य को और अधिक कठिन बना दिया। विषम परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम किसी तरह घायलों और मृतकों तक पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। मसूरी रेस्क्यू वॉरियर्स के सदस्य दिगम्बर (टीटू) आशीष ने भी अभियान में सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने अपनी रेस्क्यू तकनीक, अनुभव और तकनीकी उपकरणों का उपयोग करते हुए एसडीआरएफ , आईटीबीपी जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया।
प्रथमदृष्टया ब्रेक फेल होना या ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबाने को हादसे का कारण माना जा रहा है। साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि नेविगेशन भी हादसे का कारण हो सकता है। पुलिस के अनुसार, जांच में देखा जाएगा कि क्या मृतकों ने मोबाइल पर मैप से यात्रा की है। कारणों की जांच कर निकट भविष्य के लिए ठीक किया जाएगा और टेक्निकल कमियों को दूर किया जाएगा। भट्टा गांव निवासी गौरव रावत ने कहा कि मसूरी आने वाले कई पर्यटक जब मैप से यात्रा करते हैं तो झड़ीपानी वाले रास्ते से गलती से आ जाते हैं। वहीं झड़ीपानी -कोल्हूखेत मार्ग बेहद संकरा है, बाहर से आने वाले पर्यटकों को इस रास्ते की पूरी जानकारी नहीं रहती है। इस कारण कई बार हादसे का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार मोबाइल पर मैप की गलत जानकारी के कारण भी घटनाएं हो रही हैं।
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Iहादसे की दृष्टि से संवेदनशील है ये जगह
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झड़ीपानी के जिस स्थान पर हादसा हुआ है वो दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील बन चुका है। कुछ माह पूर्व भी यहां एक कार गहरी खाई में गिर गई थी, हालांकि उस समय वाहन सवार लोग पहले ही बाहर निकल चुके थे और जनहानि नहीं हुई थी। इसके अलावा पूर्व में एक व्यक्ति की खाई में गिरने से मृत्यु भी हो चुकी है तथा कई अन्य दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं। यहां सुरक्षा उपाय की आवश्यक्ता है।
Iदुर्गम पहाड़ियों के कारण बचाव टीमों को चुनाैतियों का करना पड़ा सामना
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मसूरी के रेस्क्यू वॉरियर्स दिगंबर उर्फ टीटू ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। दुर्घटनास्थल अत्यधिक ढलान वाली पहाड़ी पर स्थित था, जहां पहुंचने के लिए कोई स्पष्ट रास्ता नहीं था तथा घनी झाड़ियों ने रेस्क्यू कार्य को और अधिक कठिन बना दिया। विषम परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीम किसी तरह घायलों और मृतकों तक पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। मसूरी रेस्क्यू वॉरियर्स के सदस्य दिगम्बर (टीटू) आशीष ने भी अभियान में सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने अपनी रेस्क्यू तकनीक, अनुभव और तकनीकी उपकरणों का उपयोग करते हुए एसडीआरएफ , आईटीबीपी जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया।