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Delhi NCR News: 107 करोड़ की ई-बस चार्जिंग परियोजना 15 महीने बाद भी टेंडर चरण में
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अप्रैल 2025 में मिली थी मंजूरी, अब तक काम आवंटित नहीं
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी, जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा बढ़ाने की तैयारी के बीच चार प्रमुख बस डिपो में चार्जिंग के लिए बिजली ढांचा विकसित करने की 107.02 करोड़ रुपये की परियोजना 15 महीने बाद भी टेंडर चरण से आगे नहीं बढ़ सकी है। अप्रैल 2025 में आर्थिक वित्त समिति (ईएफसी) से मंजूरी मिलने के बावजूद अभी तक कार्य आवंटित नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हाल में हुई समीक्षा बैठक में इस देरी पर नाराजगी जताई है और परिवहन विभाग को बिना और विलंब किए प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
यह परियोजना द्वारका सेक्टर-22 स्थित क्लस्टर डिपो-1, क्लस्टर डिपो-2, सेक्टर-22 स्थित आईएसबीटी और सेक्टर-8 स्थित डीटीसी डिपो में इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए बिजली अवसंरचना विकसित करने से संबंधित है। इसके तहत बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) द्वारा आवश्यक विद्युत ढांचा तैयार किया जाना है।
समीक्षा के दौरान परिवहन विभाग ने बताया कि परियोजना के लिए टेंडर दस्तावेज अंतिम रूप दिए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कार्य आवंटित नहीं किया जा सका है। इस पर मुख्यमंत्री ने परियोजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए विभाग को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। दिल्ली सरकार आने वाले वर्षों में सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। ऐसे में चार्जिंग अवसंरचना तैयार करना इस पूरी योजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। परियोजना में देरी का असर नए इलेक्ट्रिक बस बेड़े के संचालन की गति पर भी पड़ सकता है।
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समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी, जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा बढ़ाने की तैयारी के बीच चार प्रमुख बस डिपो में चार्जिंग के लिए बिजली ढांचा विकसित करने की 107.02 करोड़ रुपये की परियोजना 15 महीने बाद भी टेंडर चरण से आगे नहीं बढ़ सकी है। अप्रैल 2025 में आर्थिक वित्त समिति (ईएफसी) से मंजूरी मिलने के बावजूद अभी तक कार्य आवंटित नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हाल में हुई समीक्षा बैठक में इस देरी पर नाराजगी जताई है और परिवहन विभाग को बिना और विलंब किए प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
यह परियोजना द्वारका सेक्टर-22 स्थित क्लस्टर डिपो-1, क्लस्टर डिपो-2, सेक्टर-22 स्थित आईएसबीटी और सेक्टर-8 स्थित डीटीसी डिपो में इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए बिजली अवसंरचना विकसित करने से संबंधित है। इसके तहत बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) द्वारा आवश्यक विद्युत ढांचा तैयार किया जाना है।
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समीक्षा के दौरान परिवहन विभाग ने बताया कि परियोजना के लिए टेंडर दस्तावेज अंतिम रूप दिए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कार्य आवंटित नहीं किया जा सका है। इस पर मुख्यमंत्री ने परियोजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए विभाग को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। दिल्ली सरकार आने वाले वर्षों में सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। ऐसे में चार्जिंग अवसंरचना तैयार करना इस पूरी योजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। परियोजना में देरी का असर नए इलेक्ट्रिक बस बेड़े के संचालन की गति पर भी पड़ सकता है।
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