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Delhi NCR News: 24 एमसीडी स्कूल बनेंगे निगम श्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस
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बच्चों का समझ और सीखने की क्षमता से होगा चयन
24 अगस्त को जारी होगी स्कूलों की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने 24 स्कूलों को निगम श्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने जा रहा है। इन स्कूलों में बच्चों का चयन पारंपरिक लिखित प्रवेश परीक्षा के आधार पर नहीं होगा। नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की समझ, जागरूकता, सीखने की क्षमता और परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया को बातचीत और गतिविधियों के माध्यम से परखा जाएगा। निगम के अनुसार चयनित स्कूलों की सूची 24 अगस्त को जारी की जाएगी और अगले शैक्षणिक सत्र से इनमें दाखिला और कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है।
निगम ने 12 जोन में मौजूदा दो-दो स्कूलों का चयन किया है। इन स्कूलों को मॉडल संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि यहां की अच्छी शैक्षणिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं को आसपास के अन्य निगम स्कूलों में भी लागू किया जा सके। निगम अधिकारियों के मुताबिक नर्सरी जैसे छोटे बच्चों के लिए आसपास की सामान्य चीजों की पहचान और समझ को परखा जाएगा। बच्चों को घर या आसपास दिखाई देने वाली वस्तुओं की तस्वीरें दिखाकर उन्हें पहचानने या उनके नाम बताने के लिए कहा जा सकता है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए छोटे वीडियो या अन्य ऑडियो-विजुअल सामग्री दिखाकर उससे जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। कक्षा एक से पांच तक लिखित परीक्षा नहीं होगी।
जो बच्चे इस आकलन में चयनित नहीं होंगे, उन्हें आसपास के मौजूदा एमसीडी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। इसके लिए करीब 500 मीटर से एक किलोमीटर के दायरे के स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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निगम श्री स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, बेहतर पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय और हरित परिसर विकसित किए जाएंगे। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए रैंप और अन्य सुविधाओं के साथ विशेष शिक्षक, मेडिकल रूम, विज्ञान और नर्सरी कक्ष तथा काउंसलिंग की व्यवस्था भी होगी। हर निगम श्री स्कूल आसपास के तीन से पांच एमसीडी स्कूलों को मेंटर करेगा। इससे संसाधनों और बेहतर शैक्षणिक तौर-तरीकों को दूसरे स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। योजना को पीएम-श्री और सीएम-श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। एमसीडी शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा के अनुसार, योजना का दूसरे चरण में 24 और स्कूलों तक विस्तार किया जाएगा। निगम के स्कूलों में करीब 6.5 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं।
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24 अगस्त को जारी होगी स्कूलों की सूची
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने 24 स्कूलों को निगम श्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने जा रहा है। इन स्कूलों में बच्चों का चयन पारंपरिक लिखित प्रवेश परीक्षा के आधार पर नहीं होगा। नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की समझ, जागरूकता, सीखने की क्षमता और परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया को बातचीत और गतिविधियों के माध्यम से परखा जाएगा। निगम के अनुसार चयनित स्कूलों की सूची 24 अगस्त को जारी की जाएगी और अगले शैक्षणिक सत्र से इनमें दाखिला और कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है।
निगम ने 12 जोन में मौजूदा दो-दो स्कूलों का चयन किया है। इन स्कूलों को मॉडल संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि यहां की अच्छी शैक्षणिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं को आसपास के अन्य निगम स्कूलों में भी लागू किया जा सके। निगम अधिकारियों के मुताबिक नर्सरी जैसे छोटे बच्चों के लिए आसपास की सामान्य चीजों की पहचान और समझ को परखा जाएगा। बच्चों को घर या आसपास दिखाई देने वाली वस्तुओं की तस्वीरें दिखाकर उन्हें पहचानने या उनके नाम बताने के लिए कहा जा सकता है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए छोटे वीडियो या अन्य ऑडियो-विजुअल सामग्री दिखाकर उससे जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। कक्षा एक से पांच तक लिखित परीक्षा नहीं होगी।
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जो बच्चे इस आकलन में चयनित नहीं होंगे, उन्हें आसपास के मौजूदा एमसीडी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। इसके लिए करीब 500 मीटर से एक किलोमीटर के दायरे के स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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निगम श्री स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, बेहतर पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय और हरित परिसर विकसित किए जाएंगे। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए रैंप और अन्य सुविधाओं के साथ विशेष शिक्षक, मेडिकल रूम, विज्ञान और नर्सरी कक्ष तथा काउंसलिंग की व्यवस्था भी होगी। हर निगम श्री स्कूल आसपास के तीन से पांच एमसीडी स्कूलों को मेंटर करेगा। इससे संसाधनों और बेहतर शैक्षणिक तौर-तरीकों को दूसरे स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। योजना को पीएम-श्री और सीएम-श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। एमसीडी शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा के अनुसार, योजना का दूसरे चरण में 24 और स्कूलों तक विस्तार किया जाएगा। निगम के स्कूलों में करीब 6.5 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं।