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Public Transport: दिल्ली में पहली बार चलेंगी 7 मीटर की इलेक्ट्रिक बसें, रेखा सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 11 Jan 2026 01:58 AM IST
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सार

प्रस्ताव में बसों के आकार के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं, ताकि संकरी सड़कों से लेकर मुख्य मार्गों तक बस सेवा की पहुंच बढ़ाई जा सके।

7-meter electric buses will run in Delhi for the first time, Rekha government sent a proposal to the Centre.
demo - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राजधानी की सड़कों पर पहली बार 7 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने 3,330 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का प्रस्ताव केंद्र सरकार की एजेंसी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) को भेजा है। प्रस्ताव में बसों के आकार के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं, ताकि संकरी सड़कों से लेकर मुख्य मार्गों तक बस सेवा की पहुंच बढ़ाई जा सके।

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह प्रस्ताव हाल ही में सीईएसएल के साथ हुई बैठक के बाद तैयार हुआ। परिवहन विभाग ने मौजूदा बस संचालन और रूट संरचना की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त बसों की आवश्यकता केंद्र के सामने रखी है। इसमें पहली बार 7 मीटर की ‘मिनी इलेक्ट्रिक बसों’ को शामिल किया है, जिन्हें तंग गलियों, घनी आबादी वाले इलाकों और मेट्रो स्टेशनों के आसपास फीडर सेवा के रूप में चलाने की योजना है।
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प्रस्ताव के मुताबिक दिल्ली के लिए 7 मीटर की 500 इलेक्ट्रिक बसें, 9 मीटर की 2,330 बसें और 12 मीटर की 500 बसें खरीदी जाएंगी। सभी बसें लो-फ्लोर और वातानुकूलित होंगी। 7 मीटर की बसें उन इलाकों में चलाई जाएंगी। जहां बड़े आकार की बसों का संचालन व्यावहारिक नहीं है। 9 मीटर की बसें फीडर रूट और कॉलोनियों को जोड़ने का काम करेंगी, जबकि 12 मीटर की बसें मुख्य और अत्यधिक भीड़ वाले कॉरिडोर पर तैनात होंगी। सब्सिडी को लेकर दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार और भारी उद्योग मंत्रालय से अनुरोध किया है कि यह अतिरिक्त मांग पहले से स्वीकृत 2,800 बसों के कोटे से अलग रखते हुए सब्सिडी मॉडल में शामिल की जाए।

सरकार का कहना है कि यदि सब्सिडी प्रक्रिया में किसी कारण देरी होती है, तो बसों की खरीद में रुकावट न आए, इसके लिए वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था पर भी विचार होगा। परिवहन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से बस नेटवर्क की कवरेज बढ़ेगी और उन इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन पहुंचेगा जहां अब तक सीमित विकल्प उपलब्ध थे। लो-फ्लोर बसों से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए चढ़ना-उतरना आसान होगा। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए देशभर में वित्तीय सहायता और चार्जिंग ढांचे का विस्तार हो रहा है। दिल्ली सरकार का आकलन है कि 7 मीटर की मिनी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन घनी आबादी वाले शहर में सार्वजनिक परिवहन को अधिक व्यावहारिक बनाएगा।

आंकड़ों में दिल्ली की ई-बस योजना
राजधानी में वर्तमान में कुल 5,336 बसें, जिनमें 3,535 इलेक्ट्रिक बसें शामिल

मौजूदा ई-बस बेड़े में..

  • 1,162 बसें (9 मीटर)
  • 2,273 बसें (12 मीटर)
  • 100 फीडर बसें
  • मार्च 2026 तक 5,000 से अधिक ई-बसें सड़कों पर उतरने का लक्ष्य
  • वर्ष 2026 के अंत तक 7,000 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने की योजना
  • प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना (चरण–1) की 2,800 बसों के बाद कुल बसें: 10,430
  • प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना (चरण–2) की 3,330 बसों के बाद कुल बसें: 13,760
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