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Delhi NCR News: दसवींं में 99.18 फीसदी छात्र पास, बारहवीं में 99.13 फीसदी
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-सीआईएससीई ने आईसीएसई व आईएससी परीक्षा परिणाम घोषित किए
-बारहवीं के रिजल्ट (आईएससी) में बीते साल के मुकाबले में 0.11 फीसदी की बढ़ोतरी
-दसवीं के रिजल्ट में बीते साल के मुकाबले में आया 0.09 फीसदी का उछाल
-दसवीं व बारहवीं के रिजल्ट में लड़कियों का दबदबा
-दसवीं में पश्चिमी रीजन का रिजल्ट सबसे बेहतरीन, बारहवीं में दक्षिण रीजन आगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने 10वीं (आईसीएसई) और 12वीं (आईएससी) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बीते साल की तरह इस साल भी दोनों कक्षाओं के परिणाम 99 फीसदी से अधिक हैं। जहां दसवीं का पास प्रतिशत 99.18 फीसदी रहा है, वहीं बारहवीं का पास प्रतिशत 99.13 फीसदी है। बारहवीं के रिजल्ट (आईएससी) में बीते साल के मुकाबले में 0.11 फीसदी की बढ़ोतरी व दसवीं के रिजल्ट में बीते साल के मुकाबले में 0.09 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दोनों रिजल्ट में एक बार फिर लड़कियों का दबदबा कायम है।
दसवीं में 2131 व बारहवीं में 902 छात्रों को असफल घोषित किया है। दसवीं व बारहवीं के रिजल्ट में लड़कियां एक बार फिर लड़कों से अव्वल रही हैं। आईसीएसई में लड़कियों का पास प्रतिशत 99.46 फीसदी, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 98.93 फीसदी रहा है। वहीं बारहवीं (आईएससी) में लड़कियों का पास प्रतिशत 99.48 और लड़कों का पास प्रतिशत 98.81 फीसदी रहा है।
सीआईएससीई के दसवीं के 2957 स्कूलों से कुल 2,58,721 छात्र उपस्थित हुए जिनमें से 1,37,503 लड़के और 1,21,218 लड़कियों ने परीक्षा दी। वहीं आईएससी(12वीं) के 1553 स्कूलों से कुल 103,316 छात्रों ने परीक्षा दी, जिसमें से 54, 118 लड़के व 49, 198 लड़कियां शामिल रही।
सीआईएससीई के चीफ एग्जिक्यूटिव व सचिव जोसेफ एमेनुअल के मुताबिक इस साल दसवीं में पश्चिमी रीजन का रिजल्ट सबसे बेहतर रहा है। पश्चिमी रीजन से 99.85 फीसदी छात्र सफल घोषित किए गए हैं। जबकि दक्षिणी रीजन का रिजल्ट 99.81 फीसदी रहा है। जबकि बारहवीं में दक्षिणी रीजन का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा है। यहां पास प्रतिशत 99.87 फीसदी है। जबकि पश्चिमी रीजन का रिजल्ट 99.55 फीसदी रहा है। इस साल आईसीएसई में 67 विषयों की परीक्षाएं हुई जिसमें से 20 भारतीय भाषा, व 14 विदेशी भाषाएं व एक शास्त्रीय भाषा शामिल हैं। आईएससी में 45 विषयों की परीक्षाएं हुई जिसमें 13 भारतीय भाषाएं, 2 विदेशी भाषाएं व दो शास्त्रीय भाषा शामिल है।
दिव्यांग छात्रों ने भी किया बेहतर प्रदर्शन
दसवीं व बारहवीं दोनों कक्षाओं में दिव्यांग छात्रों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। दसवीं में सीखने में कठिनाई वाले 1313 छात्रों में से 132 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। दृष्टिबाधित 54 छात्रों में से 17 ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। वहीं बारहवीं में सीखने में कठिनाई वाले कुल 305 छात्रों में से 36 ने 90 फीसदी से अधिक अंक व दृष्टिबाधित 22 छात्रों में से 09 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। इस वर्ष आईसीएससी कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 30 मार्च 2026 तक जबकि आइएससी कक्षा 12 की परीक्षाएं 12 फरवरी से छह अप्रैल 2026 तक आयोजित की थी। पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण संयुक्त अरब अमीरात के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं रद कर दी गई थी।
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-दसवीं में पश्चिमी रीजन का रिजल्ट सबसे बेहतरीन, बारहवीं में दक्षिण रीजन आगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने 10वीं (आईसीएसई) और 12वीं (आईएससी) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बीते साल की तरह इस साल भी दोनों कक्षाओं के परिणाम 99 फीसदी से अधिक हैं। जहां दसवीं का पास प्रतिशत 99.18 फीसदी रहा है, वहीं बारहवीं का पास प्रतिशत 99.13 फीसदी है। बारहवीं के रिजल्ट (आईएससी) में बीते साल के मुकाबले में 0.11 फीसदी की बढ़ोतरी व दसवीं के रिजल्ट में बीते साल के मुकाबले में 0.09 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दोनों रिजल्ट में एक बार फिर लड़कियों का दबदबा कायम है।
दसवीं में 2131 व बारहवीं में 902 छात्रों को असफल घोषित किया है। दसवीं व बारहवीं के रिजल्ट में लड़कियां एक बार फिर लड़कों से अव्वल रही हैं। आईसीएसई में लड़कियों का पास प्रतिशत 99.46 फीसदी, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 98.93 फीसदी रहा है। वहीं बारहवीं (आईएससी) में लड़कियों का पास प्रतिशत 99.48 और लड़कों का पास प्रतिशत 98.81 फीसदी रहा है।
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सीआईएससीई के दसवीं के 2957 स्कूलों से कुल 2,58,721 छात्र उपस्थित हुए जिनमें से 1,37,503 लड़के और 1,21,218 लड़कियों ने परीक्षा दी। वहीं आईएससी(12वीं) के 1553 स्कूलों से कुल 103,316 छात्रों ने परीक्षा दी, जिसमें से 54, 118 लड़के व 49, 198 लड़कियां शामिल रही।
सीआईएससीई के चीफ एग्जिक्यूटिव व सचिव जोसेफ एमेनुअल के मुताबिक इस साल दसवीं में पश्चिमी रीजन का रिजल्ट सबसे बेहतर रहा है। पश्चिमी रीजन से 99.85 फीसदी छात्र सफल घोषित किए गए हैं। जबकि दक्षिणी रीजन का रिजल्ट 99.81 फीसदी रहा है। जबकि बारहवीं में दक्षिणी रीजन का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा है। यहां पास प्रतिशत 99.87 फीसदी है। जबकि पश्चिमी रीजन का रिजल्ट 99.55 फीसदी रहा है। इस साल आईसीएसई में 67 विषयों की परीक्षाएं हुई जिसमें से 20 भारतीय भाषा, व 14 विदेशी भाषाएं व एक शास्त्रीय भाषा शामिल हैं। आईएससी में 45 विषयों की परीक्षाएं हुई जिसमें 13 भारतीय भाषाएं, 2 विदेशी भाषाएं व दो शास्त्रीय भाषा शामिल है।
दिव्यांग छात्रों ने भी किया बेहतर प्रदर्शन
दसवीं व बारहवीं दोनों कक्षाओं में दिव्यांग छात्रों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। दसवीं में सीखने में कठिनाई वाले 1313 छात्रों में से 132 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। दृष्टिबाधित 54 छात्रों में से 17 ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। वहीं बारहवीं में सीखने में कठिनाई वाले कुल 305 छात्रों में से 36 ने 90 फीसदी से अधिक अंक व दृष्टिबाधित 22 छात्रों में से 09 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। इस वर्ष आईसीएससी कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 30 मार्च 2026 तक जबकि आइएससी कक्षा 12 की परीक्षाएं 12 फरवरी से छह अप्रैल 2026 तक आयोजित की थी। पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण संयुक्त अरब अमीरात के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं रद कर दी गई थी।
