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Delhi NCR News: डूटा ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष रखी शिक्षकों की मांगे
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-महंगाई के अनुरूप वेतन संशोधन, बेहतर सेवा शर्तों पर दिया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को चाणक्यपुरी स्थित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष शिक्षकों की मांगों को रखा। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों के वेतन संशोधन और सेवा शर्तों से जुड़ी चिंताओं व सुझावों को प्रस्तुत किया। उन्होंने तार्किक वेतन ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।
डूटा ने समान फिटमेंट फैक्टर लागू करने, वार्षिक वेतन वृद्धि बढ़ाने और वेतन मैट्रिक्स में संशोधन की मांग की। साथ ही एडहॉक, अस्थायी और पोस्ट डॉक्टरल सेवाओं को पदोन्नति और पेंशन लाभों में शामिल करने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने पीएचडी और एमफिल से जुड़े प्रोत्साहन को जारी रखने, शोध व अकादमिक कार्यों के लिए वार्षिक अनुदान बढ़ाने की आवश्यकता बताई। महिला शिक्षकों के लिए बेहतर सेवा शर्तें, पूर्ण वेतन के साथ चाइल्ड केयर लीव, पैरेंट केयर लीव जैसी सुविधाओं को मजबूत करने की भी मांग की गई। इसके अलावा खाली पदों को भरने, नए पद सृजित करने और शोध के लिए पर्याप्त सरकारी फंडिंग सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। प्रतिनिधिमंडल में डूटा अध्यक्ष वी एस नेगी, सचिव प्रो. बिमलेन्दु तीर्थंकर, उपाध्यक्ष प्रो. भूपेंद्र सिंह, संयुक्त सचिव प्रो संजय कुमार और कोषाध्यक्ष डॉ. आकांक्षा खुराना शामिल थे।
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को चाणक्यपुरी स्थित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष शिक्षकों की मांगों को रखा। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों के वेतन संशोधन और सेवा शर्तों से जुड़ी चिंताओं व सुझावों को प्रस्तुत किया। उन्होंने तार्किक वेतन ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।
डूटा ने समान फिटमेंट फैक्टर लागू करने, वार्षिक वेतन वृद्धि बढ़ाने और वेतन मैट्रिक्स में संशोधन की मांग की। साथ ही एडहॉक, अस्थायी और पोस्ट डॉक्टरल सेवाओं को पदोन्नति और पेंशन लाभों में शामिल करने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने पीएचडी और एमफिल से जुड़े प्रोत्साहन को जारी रखने, शोध व अकादमिक कार्यों के लिए वार्षिक अनुदान बढ़ाने की आवश्यकता बताई। महिला शिक्षकों के लिए बेहतर सेवा शर्तें, पूर्ण वेतन के साथ चाइल्ड केयर लीव, पैरेंट केयर लीव जैसी सुविधाओं को मजबूत करने की भी मांग की गई। इसके अलावा खाली पदों को भरने, नए पद सृजित करने और शोध के लिए पर्याप्त सरकारी फंडिंग सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। प्रतिनिधिमंडल में डूटा अध्यक्ष वी एस नेगी, सचिव प्रो. बिमलेन्दु तीर्थंकर, उपाध्यक्ष प्रो. भूपेंद्र सिंह, संयुक्त सचिव प्रो संजय कुमार और कोषाध्यक्ष डॉ. आकांक्षा खुराना शामिल थे।
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