दिल्ली के विवेक विहार की जिस इमारत में आग लगी, उस इमारत के पिछले हिस्से को लोहे का जाल लगातार पूरी तरह पैक कर दिया गया था। ऐसे में जब आग लगी तो ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग अपने-अपने फ्लैट में फंस गए। दूसरी मंजिल पर आग लगते ही उसने सीढ़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग ऊपर की ओर बढ़ने लगी। ऐसे में बचने की संभावना यहां से भी खत्म हो गई।
घटना के समय अधिकांश लोग घरों में सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं व लपटों से घिर गई। बताया जा रहा है कि आग में फंसे लोग सीढ़ियों से इमारत की छत की ओर भागे, लेकिन जैसे ही छत पर बने दरवाजे तक पहुंचे तो वह लॉक मिला।
2 of 13
विवेक विहार में चार मंजिला इमारत में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
इससे लोग वहीं फंस गए और लपटों की चपेट में आ गए। तीन लोग सीढ़ियों के दरवाजे पर मृत मिले। इमारत में रहने वाले मनोज जैन ने बताया कि इस पूरी इमारत में 400-400 गज के फ्लैट में सामने की ओर पुनीत जैन, राजकुमार अरोड़ा, मनोज जैन और डॉ. सुधीर मित्तल के चार परिवार रहते हैं।
3 of 13
आग में मारे गए लोगों की डेड बॉडी जीटीबी अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए ले जाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, जहां लोग हताहत हुए वहां पीछे की ओर कमल कुमार गोयल, लखमी चंद जैन, अरविंद जैन और नितिन जैन के परिवार रहते थे। इमारत के सामने की ओर मौजूद लोगों की सामान्य बालकनी बनी हुई है। पीछे की ओर बने फ्लैटों की बालकनी पिछली ओर मौजूद सर्विस रोड पर खुलती है।
4 of 13
इमारत के पीछे की तरफ लोहे का जाल लगा है।
- फोटो : जी पॉल
सुरक्षा के मद्देनजर पीछे के सभी चारों फ्लैट मालिकों ने मिलकर लोहे का मजबूत और भारी भरकम जाल बनाकर उसे पूरी तरह पैक किया हुआ है। इसे बंदरों से भी सुरक्षा के लिहाज से बनाया गया है।
5 of 13
विवेक विहार में चार मंजिला इमारत में लगी आग के बाद अंदर का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
इमारत में आग लगी तो पहली मंजिल के आगे और पीछे वाले फ्लैट के लोग तुरंत सुरक्षित निकल गए जबकि दूसरी मंजिल के बाद ज्यादातर लोग वहीं पर फंस गए। सामने की ओर मौजूद लोगों को दमकल कर्मियों ने निकाल लिया जबकि पीछे मौजूद लोगों की जान चली गई।