सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   A young man in Nepal has demanded 100 crore rupees in compensation after his wife died in a protest

Delhi HC: नेपाल में हुए प्रदर्शन में पत्नी की मौत पर युवक ने मांगा 100 करोड़ का मुआवजा, याचिका पर 26 को सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 10 Feb 2026 07:34 AM IST
विज्ञापन
सार

याचिकाकर्ता रणबीर सिंह गोला ने अपनी पत्नी राजेश गोला की मौत के लिए भारत सरकार (विदेश मंत्रालय), नेपाल में भारतीय दूतावास और काठमांडू के हयात रिजेंसी होटल के खिलाफ याचिका दायर की है।

A young man in Nepal has demanded 100 crore rupees in compensation after his wife died in a protest
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पति की याचिका पर गंभीर संदेह जाहिर किया है। याचिका में नेपाल के काठमांडू में सितंबर 2025 के दौरान हुए हिंसक जेन जी विरोध प्रदर्शनों में अपनी पत्नी की मौत के लिए 100 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। कोर्ट ने पूछा कि इस याचिका को यहां कैसे सुना जा सकता है। 

Trending Videos


याचिकाकर्ता रणबीर सिंह गोला ने अपनी पत्नी राजेश गोला की मौत के लिए भारत सरकार (विदेश मंत्रालय), नेपाल में भारतीय दूतावास और काठमांडू के हयात रिजेंसी होटल के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दंपति 7 सितंबर 2025 को पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन के लिए नेपाल गए थे। 9 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने होटल में आग लगा दी और भीड़ ने हमला किया। होटल प्रशासन ने मेहमानों को सुरक्षा का आश्वासन दिया, चेकआउट करने से रोका और ऊपरी मंजिल पर भेजा, लेकिन आपात स्थिति में कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। याचिकाकर्ता का दावा है कि उनकी पत्नी भागते समय चौथी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। याचिका में कहा कि भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय ने बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई मदद नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने क्षेत्राधिकार को बनाया आधार
न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने नेपाल में हुई घटना पर अपना क्षेत्राधिकार होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेपाल में कुछ होता है, होटल कुछ कहता है, हम कैसे तय करेंगे? कोर्ट ने याचिका में हयात होटल को पक्षकार बनाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि प्रार्थना में संशोधन जरूरी है। कोर्ट ने मामले को 26 फरवरी 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया, ताकि याचिकाकर्ता अपनी प्रार्थनाओं में संशोधन कर सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed