{"_id":"6ae224595e952bba990ac914","slug":"abvp-protests-over-changes-to-the-phd-admission-list-at-jnu-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-161204-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: जेएनयू में पीएचडी दाखिले की सूची बदलने पर एबीवीपी का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: जेएनयू में पीएचडी दाखिले की सूची बदलने पर एबीवीपी का प्रदर्शन
विज्ञापन
-प्रशासन पर पारदर्शिता की अनदेखी और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करने का आरोप
नई दिल्ली। जेएनयू के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पीएचडी दाखिला की सूची बदलने के आरोप को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जेएनयू इकाई ने बुधवार को प्रवेश प्रकोष्ठ पर प्रदर्शन किया। परिषद ने प्रशासन पर पारदर्शिता की अनदेखी और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। एबीवीपी के अनुसार 27 अक्तूबर को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध एक लिंक के जरिए कई अभ्यर्थियों को पीएचडी साक्षात्कार के लिए चयनित दिखाया गया था। हालांकि 28 अक्तूबर को उसी लिंक पर उनकी स्थिति अचयनित दिखाई देने लगी। परिषद का आरोप है कि अभ्यर्थियों के सवाल उठाने पर प्रशासन ने पहले जारी लिंक को अपना मानने से इनकार कर दिया और नई सूची को अंतिम बताया। संगठन ने दोनों सूचियों में अंतर की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान परिषद ने जून 2025 में आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा के अभ्यर्थियों को पीएचडी दाखिला प्रक्रिया में शामिल नहीं किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। एबीवीपी का कहना है कि परीक्षा परिणाम में देरी अभ्यर्थियों के नियंत्रण से बाहर थी। ब्यूरो
विज्ञापन
नई दिल्ली। जेएनयू के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पीएचडी दाखिला की सूची बदलने के आरोप को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जेएनयू इकाई ने बुधवार को प्रवेश प्रकोष्ठ पर प्रदर्शन किया। परिषद ने प्रशासन पर पारदर्शिता की अनदेखी और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। एबीवीपी के अनुसार 27 अक्तूबर को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध एक लिंक के जरिए कई अभ्यर्थियों को पीएचडी साक्षात्कार के लिए चयनित दिखाया गया था। हालांकि 28 अक्तूबर को उसी लिंक पर उनकी स्थिति अचयनित दिखाई देने लगी। परिषद का आरोप है कि अभ्यर्थियों के सवाल उठाने पर प्रशासन ने पहले जारी लिंक को अपना मानने से इनकार कर दिया और नई सूची को अंतिम बताया। संगठन ने दोनों सूचियों में अंतर की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान परिषद ने जून 2025 में आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा के अभ्यर्थियों को पीएचडी दाखिला प्रक्रिया में शामिल नहीं किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। एबीवीपी का कहना है कि परीक्षा परिणाम में देरी अभ्यर्थियों के नियंत्रण से बाहर थी। ब्यूरो