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Delhi NCR News: रोहिणी की हाउसिंग सोसाइटी में लगा एरोबिन, 40 दिन में 10 किलो गीला कचरा बनेगा कंपोस्ट खाद
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। महापौर प्रवेश वाही ने रविवार को रोहिणी सेक्टर-15 स्थित श्री अपार्टमेंट हाउसिंग सोसाइटी में एरोबिन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित एरोबिन गीले कचरे के स्रोत पर ही निस्तारण को बढ़ावा देगा और दिल्ली को स्वच्छ एवं हरित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महापौर ने बताया कि एरोबिन की सहायता से एक बिन में एक बार में 10 किलोग्राम गीले कचरे को बायो-कल्चर की मदद से करीब 40 दिनों में कंपोस्ट खाद में बदला जा सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान दुर्गंध भी नहीं आती, जिससे इसे हाउसिंग सोसाइटी और आवासीय परिसरों में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण (सेग्रीगेशन) और निस्तारण संभव होगा तथा लैंडफिल साइटों पर जाने वाले कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी।
प्रवेश वाही ने हाउसिंग सोसाइटियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से अपने परिसरों में एरोबिन स्थापित करने की अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी पहल भी स्वच्छता अभियान को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में एमसीडी ने अपने स्वच्छता बेड़े में कई आधुनिक मशीनों को शामिल किया है, जिससे राजधानी में सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
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नई दिल्ली। महापौर प्रवेश वाही ने रविवार को रोहिणी सेक्टर-15 स्थित श्री अपार्टमेंट हाउसिंग सोसाइटी में एरोबिन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित एरोबिन गीले कचरे के स्रोत पर ही निस्तारण को बढ़ावा देगा और दिल्ली को स्वच्छ एवं हरित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महापौर ने बताया कि एरोबिन की सहायता से एक बिन में एक बार में 10 किलोग्राम गीले कचरे को बायो-कल्चर की मदद से करीब 40 दिनों में कंपोस्ट खाद में बदला जा सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान दुर्गंध भी नहीं आती, जिससे इसे हाउसिंग सोसाइटी और आवासीय परिसरों में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण (सेग्रीगेशन) और निस्तारण संभव होगा तथा लैंडफिल साइटों पर जाने वाले कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी।
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प्रवेश वाही ने हाउसिंग सोसाइटियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से अपने परिसरों में एरोबिन स्थापित करने की अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी पहल भी स्वच्छता अभियान को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में एमसीडी ने अपने स्वच्छता बेड़े में कई आधुनिक मशीनों को शामिल किया है, जिससे राजधानी में सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
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