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Delhi NCR News: अल-फलाह ग्रुप के अध्यक्ष को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली । साकेत कोर्ट ने शनिवार को अल-फलाह ग्रुप के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 17 अप्रैल तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला 45 करोड़ रुपये की जमीन की धोखाधड़ी से अधिग्रहण से जुड़ा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान के सामने शनिवार को सिद्दीकी पेश किया गया। यह पेशी 25 मार्च को उनके 10 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत खत्म होने के बाद हुई।
ईडी ने 24 मार्च को सिद्दीकी को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दूसरे मामले में गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि जमीन की धोखाधड़ी से अधिग्रहण के लिए जाली दस्तावेज बनाए गए थे। तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन के डायरेक्टर और मुख्य शेयरधारक सिद्दीकी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।
ईडी के अनुसार, राजधानी के मदनपुर खादर गांव में खसरा नंबर 792 की जमीन कीमत 45 करोड़ रुपये है। लेकिन, दस्तावेज में भुगतान की राशि केवल 75 लाख रुपये दिखाई गई थी। इससे पहले नवंबर में ईडी ने सिद्दीकी को पहले ही एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। यह मामला अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ा था। पांच फरवरी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सिद्दीकी को उनकी निजी यूनिवर्सिटी में अनियमितताओं और जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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नई दिल्ली । साकेत कोर्ट ने शनिवार को अल-फलाह ग्रुप के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 17 अप्रैल तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला 45 करोड़ रुपये की जमीन की धोखाधड़ी से अधिग्रहण से जुड़ा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान के सामने शनिवार को सिद्दीकी पेश किया गया। यह पेशी 25 मार्च को उनके 10 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत खत्म होने के बाद हुई।
ईडी ने 24 मार्च को सिद्दीकी को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दूसरे मामले में गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि जमीन की धोखाधड़ी से अधिग्रहण के लिए जाली दस्तावेज बनाए गए थे। तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन के डायरेक्टर और मुख्य शेयरधारक सिद्दीकी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।
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ईडी के अनुसार, राजधानी के मदनपुर खादर गांव में खसरा नंबर 792 की जमीन कीमत 45 करोड़ रुपये है। लेकिन, दस्तावेज में भुगतान की राशि केवल 75 लाख रुपये दिखाई गई थी। इससे पहले नवंबर में ईडी ने सिद्दीकी को पहले ही एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। यह मामला अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ा था। पांच फरवरी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सिद्दीकी को उनकी निजी यूनिवर्सिटी में अनियमितताओं और जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया था।