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Double Decker Flyover: दीपावली तक दिल्ली को मिलेगा पहला डबल डेकर फ्लाईओवर, पैसे और पेड़ों की वजह से हुई देरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 09 Apr 2026 02:20 AM IST
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सार
तय डेटलाइन पर अगर काम पूरा हुआ तो दीपावली पर यमुनापार के लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी। फ्लाईओवर का ढांचा तैयार है लेकिन सड़क से रैंप नहीं जोड़ा गया है। इसे लेकर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने निविदा प्रक्रिया शुरू की है।
डबल डेकर फ्लाईओवर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : AI Photo
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विस्तार
यमुना विहार से भजनपुरा के बीच बन रहा राजधानी का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर को अगले छह माह में पूरा करने की तैयारी है। तय डेटलाइन पर अगर काम पूरा हुआ तो दीपावली पर यमुनापार के लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी। फ्लाईओवर का ढांचा तैयार है लेकिन सड़क से रैंप नहीं जोड़ा गया है। इसे लेकर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने निविदा प्रक्रिया शुरू की है। बताया जा रहा है कि निविदा आवंटित होने के बाद एजेंसी को छह माह में काम पूरा करना होगा। इस पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी।
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डीएमआरसी की ओर से तैयार मौजपुर से मजलिस पार्क तक पिंक लाइन मेट्रो के फेज चार के बचे हुए हिस्से का मार्च में उद्घाटन किया गया। मेट्रो का 12 किलोमीटर लंबा काॅरीडोर काफी पहले बनकर तैयार हो गया था लेकिन इसी काॅरीडोर के तहत यमुना विहार से भजनपुरा तक 1.4 किलोमीटर लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर अधूरा है। डबल डेकर फ्लाईओवर भी डीएमआरसी ही बना रहा है। इसके लिए दिल्ली सरकार फंड दे रही है लेकिन परियोजना के बीच हरे पेड आने और पूर्व सरकार की ओर से समय पर फंड उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण परियोजना देरी के भंवर में फंस गई।
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रैंप का काम नहीं हाे सका पूरा
फ्लाईओवर का ढांचा तैयार है लेकिन दोनों ओर उतरने और चढ़ने वाले रैंप का काम रुका है। दरअसल, इस फ्लाईओवर के भजनपुरा और बृजपुरी दोनों तरफ उतरने वाले हिस्सों में 80 से अधिक हरे पेड़ आ रहे थे। अब ये पेड़ हट चुके हैं। करीब चार साल पहले इस डबल डेकर को बनाने का काम शुरू किया गया था। इसके तहत ऊपर के भाग में मेट्रो गुजरेगी और नीचे वाहन बगैर स्थानीय जाम के गुजर सकेंगें। सबसे नीचे सड़क पर स्थानीय यातायात चलेगा। डबल डेकर फ्लाईओवर पर कुल 220 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसकी लंबाई 1.4 किलोमीटर है।
18.5 मीटर ऊंचा है डबल डेकर फ्लाईओवर
डबल डेकर का ऊपरी भाग यानी मेट्रो वाला भाग जमीन से 18.5 मीटर की ऊंचाई पर है और नीचे जमीन से 9.5 मीटर की ऊंचाई पर फ्लाईओवर है। मेट्रो ट्रैक की चौड़ाई जहां 10.5 मीटर है, वहीं तीन-लेन फ्लाईओवर की चौड़ाई 10 मीटर है। पिलर पर गर्डर रखने के साथ-साथ स्लैब रखे जाने का काम पूरा हो चुका है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि एक ही पिलर पर मेट्रो का ट्रैक और फ्लाईओवर दोनों होने से परियोजना पर खर्च कम आएगा। फ्लाईओवर तैयार हो जाने के बाद इसका रखरखाव लोक निर्माण विभाग करेगा।
लाखों को लोगों को होगा फायदा
भजनपुरा, यमुना विहार और आस-पास के इलाकों में लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में वाहन चालको को काफी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। फ्लाईओवर के खुलने से यह जाम पूरी तरह खत्म होगा। इससे भजनपुरा, यमुना विहार, मौजपुर, गंगा विहार, ब्रह्मपुरी और करावल नगर के लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा।