Indian Railways: आनंद विहार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन होंगे हाईटेक; यात्रियों का सफर पहले से होगा अधिक सुविधाजनक
आनंद विहार और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जल्द ही अत्याधुनिक यात्री सूचना एवं संचार प्रणाली से लैस होंगे। उत्तर रेलवे ने परियोजना के लिए निविदा भी जारी कर दी है।
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राजधानी दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों का सफर पहले से अधिक सुविधाजनक होने वाला है। यहां आनंद विहार और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जल्द ही अत्याधुनिक यात्री सूचना एवं संचार प्रणाली से लैस होंगे। उत्तर रेलवे ने परियोजना के लिए निविदा भी जारी कर दी है। परियोजना के तहत कोच गाइडेंस सिस्टम, डिजिटल ट्रेन सूचना डिस्प्ले बोर्ड, स्वचालित उद्घोषणा प्रणाली (ऑटो अनाउंसमेंट सिस्टम) और आधुनिक टेलीकॉम सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को समय पर सटीक और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है।
प्लेटफॉर्म पर बेहतर सूचना प्रबंधन से आपात स्थिति में भी यात्रियों को मार्गदर्शन देना आसान होगा। नई प्रणाली लागू होने के बाद प्लेटफॉर्म पर डबल फेस्ड कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, “एट ए ग्लांस” बोर्ड और मल्टी-लाइन ट्रेन इंफॉर्मेशन डिस्प्ले लगाए जाएंगे। अभी तक यात्रियों को ट्रेन आने से कुछ समय पहले ही कोच की स्थिति की जानकारी मिलती है, जिससे अफरातफरी की स्थिति बन जाती है। नई व्यवस्था में यात्रियों को पहले से पता चल जाएगा कि उनका कोच प्लेटफॉर्म के किस हिस्से में आएगा। इससे यात्रियों को इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा बच्चों के साथ यात्रा करने वालों को विशेष सुविधा मिलेगी।
आनंद विहार स्टेशन पर होगा विशेष फोकस
दिल्ली-एनसीआर के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शामिल आनंद विहार स्टेशन पर परियोजना के तहत विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां नए प्लेटफॉर्मों पर जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ियां, उच्च क्षमता वाले पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कॉलम और हॉर्न स्पीकर लगाए जाएंगे। स्पष्ट और तेज ध्वनि वाली घोषणाओं से यात्रियों को ट्रेन के आगमन, प्रस्थान, प्लेटफॉर्म परिवर्तन और देरी की सूचना तुरंत मिल सकेगी।
नई दिल्ली स्टेशन पर भी बेहतर होगी व्यवस्था
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के चलते कई ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से अन्य स्टेशनों से किया जा रहा है। ऐसे में जहां-जहां नई ट्रेन हैंडलिंग सुविधाएं शुरू की गई हैं, वहां बैलेंस्ड आईपीआईएस (इंटीग्रेटेड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम) ऑटो अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे। इस एकीकृत प्रणाली से ट्रेन संचालन, प्लेटफॉर्म आवंटन और सूचना प्रसारण के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। इससे भ्रम की स्थिति कम होगी और यात्रियों को अंतिम समय में होने वाले बदलावों की तुरंत जानकारी मिल सकेगी।
स्टेशनों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद
नई सूचना प्रणाली केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। कोच की सटीक स्थिति पहले से पता होने पर यात्री एक ही स्थान पर इकट्ठा नहीं होंगे। इससे धक्का-मुक्की और दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी। इसके अलावा स्पष्ट और स्वचालित घोषणाओं से ट्रेन छूटने की घटनाएं भी कम होंगी। त्योहारों और पीक सीजन में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, तब यह प्रणाली भीड़ नियंत्रण में भी मददगार साबित होगी।
तय समय में काम पूरा करने का लक्ष्य
यह कार्य करीब 1.79 करोड़ रुपये की लागत से छह महीने की अवधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि परियोजना की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उपकरणों का चयन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि लंबे समय तक निर्बाध सेवा मिल सके।
डिजिटल इंडिया की दिशा में अहम कदम
रेलवे का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ और स्मार्ट स्टेशन अवधारणा की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। भारतीय रेलवे पहले ही कई स्टेशनों पर वाई-फाई, एस्केलेटर, लिफ्ट और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा चुका है। ऐसी प्रणाली को अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी लागू किया जा सकता है।