{"_id":"6a6e044c92b62ba31e041a8a","slug":"anated-summit-2026-kicks-off-at-aiims-new-methods-of-anatomy-education-discussed-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-148653-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: एम्स में एनाटएड समिट 2026 की शुरुआत, एनाटॉमी शिक्षा के नए तरीकों पर हुई चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: एम्स में एनाटएड समिट 2026 की शुरुआत, एनाटॉमी शिक्षा के नए तरीकों पर हुई चर्चा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीएमई के दौर में व्यावहारिक कौशल विकास, एआई व आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स नई दिल्ली में शनिवार को एनाटएड समिट 2026 का आयोजन किया गया। एम्स के एनाटॉमी विभाग की ओर से आयोजित इस समिट में देश-विदेश के मेडिकल शिक्षक, एनाटॉमिस्ट और स्वास्थ्य शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में छात्रों को पढ़ाने, सीखने के नए तरीकों और परीक्षा व मूल्यांकन की आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई।
आयोजन सचिव डॉ. आरती ने बताया कि वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने मेडिकल शिक्षा में हो रहे बदलाव, प्री-क्लिनिकल विषयों की बदलती भूमिका व शोध के नए तरीकों पर विचार रखे। क्षमता आधारित चिकित्सा शिक्षा (सीबीएमई) के दौर में छात्रों की व्यावहारिक समझ व कौशल विकसित करने, बेहतर मूल्यांकन प्रणाली व शोध आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में एनाटॉमी की मौजूदा मूल्यांकन प्रक्रिया, जेन-जी छात्रों को पढ़ाई से जोड़ने व पाठ्यक्रम में सुधारों को लागू करने पर पैनल चर्चा हुई। साथ ही, मेडिकल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई आधारित टूल्स छात्रों को एनाटॉमी जैसे विषयों को आसानी से समझने में मदद कर सकते हैं।
विज्ञापन
समिट में देशभर के मेडिकल संस्थानों से फैकल्टी सदस्य, पोस्ट ग्रेजुएट छात्र व शिक्षा से जुड़े लोग शामिल हुए। इसका उद्देश्य एनाटॉमी शिक्षा को बेहतर, आधुनिक व प्रभावी बनाने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करना है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स नई दिल्ली में शनिवार को एनाटएड समिट 2026 का आयोजन किया गया। एम्स के एनाटॉमी विभाग की ओर से आयोजित इस समिट में देश-विदेश के मेडिकल शिक्षक, एनाटॉमिस्ट और स्वास्थ्य शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में छात्रों को पढ़ाने, सीखने के नए तरीकों और परीक्षा व मूल्यांकन की आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई।
आयोजन सचिव डॉ. आरती ने बताया कि वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने मेडिकल शिक्षा में हो रहे बदलाव, प्री-क्लिनिकल विषयों की बदलती भूमिका व शोध के नए तरीकों पर विचार रखे। क्षमता आधारित चिकित्सा शिक्षा (सीबीएमई) के दौर में छात्रों की व्यावहारिक समझ व कौशल विकसित करने, बेहतर मूल्यांकन प्रणाली व शोध आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में एनाटॉमी की मौजूदा मूल्यांकन प्रक्रिया, जेन-जी छात्रों को पढ़ाई से जोड़ने व पाठ्यक्रम में सुधारों को लागू करने पर पैनल चर्चा हुई। साथ ही, मेडिकल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई आधारित टूल्स छात्रों को एनाटॉमी जैसे विषयों को आसानी से समझने में मदद कर सकते हैं।
विज्ञापन
समिट में देशभर के मेडिकल संस्थानों से फैकल्टी सदस्य, पोस्ट ग्रेजुएट छात्र व शिक्षा से जुड़े लोग शामिल हुए। इसका उद्देश्य एनाटॉमी शिक्षा को बेहतर, आधुनिक व प्रभावी बनाने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करना है।