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Delhi NCR News: 15 साल से जर्जर आंगनवाड़ी भवन, हादसे का खतरा, कागजों में दौड़ रहा निर्माण कार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना।
नगीना खंड के गांव बलई स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का भवन पिछले करीब 15 वर्षों से जर्जर हालत में है। भवन की दीवारों में गहरी दरारें आ चुकी हैं और छत भी क्षतिग्रस्त है। ऐसे में यहां आने वाले मासूम बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों और पत्राचार के बावजूद प्रशासन की ओर से धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 22 दिसंबर 2025 को पीडब्ल्यूडी नूंह को पत्र भेजकर भवन का निरीक्षण कर इसे कंडम घोषित करने या मरम्मत की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था। इसके बाद 2 जनवरी को बीडीपीओ नगीना को एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए। 6 फरवरी को बीडीपीओ कार्यालय ने उपमंडल अधिकारी पंचायत को निरीक्षण कर एस्टीमेट भेजने के आदेश दिए। पंचायत समिति सदस्य जुनेद खान ने 15 जून को उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल वैकल्पिक भवन और बजट उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं, सीडीपीओ मीरा ने कहा कि उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
फोटो कैप्शन - गांव का जर्जर आंगनवाड़ी
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नगीना।
नगीना खंड के गांव बलई स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का भवन पिछले करीब 15 वर्षों से जर्जर हालत में है। भवन की दीवारों में गहरी दरारें आ चुकी हैं और छत भी क्षतिग्रस्त है। ऐसे में यहां आने वाले मासूम बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों और पत्राचार के बावजूद प्रशासन की ओर से धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 22 दिसंबर 2025 को पीडब्ल्यूडी नूंह को पत्र भेजकर भवन का निरीक्षण कर इसे कंडम घोषित करने या मरम्मत की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था। इसके बाद 2 जनवरी को बीडीपीओ नगीना को एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए। 6 फरवरी को बीडीपीओ कार्यालय ने उपमंडल अधिकारी पंचायत को निरीक्षण कर एस्टीमेट भेजने के आदेश दिए। पंचायत समिति सदस्य जुनेद खान ने 15 जून को उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल वैकल्पिक भवन और बजट उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं, सीडीपीओ मीरा ने कहा कि उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
फोटो कैप्शन - गांव का जर्जर आंगनवाड़ी