15 अगस्त और पतंगबाजी: दिल्ली में चीनी मांझे का कोड नाम धागा 101 और 555, गोरखधंधे ने भरी गुपचुप उड़ान
प्रशासन की सख्ती से बचने के लिए अब इसे खुले तौर पर चीनी मांझा नाम से बेचने के बजाय अलग-अलग कोड वर्ड का सहारा लिया जा रहा है।
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स्वतंत्रता दिवस नजदीक आते ही दिल्ली में पतंगों का बाजार सज गया है लेकिन पतंगबाजी के इस उत्साह के बीच प्रतिबंधित चीनी मांझे की गुपचुप बिक्री ने चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की सख्ती से बचने के लिए अब इसे खुले तौर पर चीनी मांझा नाम से बेचने के बजाय अलग-अलग कोड वर्ड का सहारा लिया जा रहा है। कहीं इसे ‘धागा 101’ तो कहीं ‘धागा 555’ के नाम से पहचाना जा रहा है। खास बात यह है कि मांझा अब दुकानों के काउंटर पर खुलेआम नजर नहीं आता। पहचान के ग्राहकों से पहले ऑर्डर लिया जाता है और फिर इसे तय जगह पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
पुरानी दिल्ली के लाल कुआं बाजार में प्रतिबंधित मांझे की गुपचुप बिक्री की जानकारी सामने आई है। यहां एक चरखी के लिए करीब 1000 से 1500 रुपये तक कीमत बताई जा रही है। सामान्य पतंग के मांझे की तुलना में इसकी कीमत काफी अधिक है। दुकानदार इसे सादे कागज में लपेटकर रखते हैं, ताकि बाहर से इसकी पहचान न हो सके। कुछ जगहों पर खरीदार को पहले संपर्क करना पड़ता है और इसके बाद उपलब्धता और कीमत बताई जाती है।
दुकान पर नहीं, ऑर्डर के बाद पहुंच रहा मांझा
प्रतिबंधित मांझे की बिक्री का तरीका बदलता नजर आ रहा है। तुर्कमान गेट इलाके के एक दुकानदार के मुताबिक, कुछ ग्राहकों से पहले संपर्क के जरिये ऑर्डर लिया जाता है। इसके बाद मांझे को दुकान से अलग स्थान पर पहुंचाने की बात कही जाती है। वहीं, लाल कुआं बाजार में पतंग खरीदने पहुंचे कुछ लोगों ने भी बताया कि प्रतिबंधित मांझा उपलब्ध होने की जानकारी तो मिलती है, लेकिन इसे सामान्य तरीके से दुकान से खरीदना आसान नहीं है। सदर बाजार, तुर्कमान गेट और ओखला की संकरी गलियों में भी अलग-अलग नामों और पहचान के जरिये इसकी बिक्री किए जाने की बात सामने आई है।
पतंग कारोबारियों में भी नाराजगी
प्रतिबंधित मांझे की बिक्री से सामान्य पतंग कारोबारियों में भी नाराजगी है। लाल कुआं के कुछ दुकानदारों का कहना है कि कुछ लोग अधिक कमाई के लिए चोरी-छिपे प्रतिबंधित मांझा बेचते हैं। इससे उन कारोबारियों की भी बदनामी होती है जो नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित मांझा बेच रहे हैं। पतंग कारोबारी महेश के मुताबिक, पतंग उड़ाना दिल्ली की पुरानी परंपरा और मनोरंजन का हिस्सा है, लेकिन इसके लिए किसी की जान खतरे में डालना सही नहीं है। वहीं, दुकानदार निलेश ने कहा कि पुलिस को प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि सिर्फ बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि प्रतिबंधित मांझा खरीदने और इस्तेमाल करने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
डियर कुचु पुचु, पतंग उड़ाओ लेकिन चाइनीज मांझे को न कहो
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुचु पुचु ट्रेंड को सुरक्षा संदेश से जोड़ते हुए लोगों से प्रतिबंधित चीनी मांझे से दूर रहने की अपील की है। दिल्ली पुलिस ने पोस्ट में लिखा कि डियर कुचु पुचु, पतंग उड़ाओ लेकिन चाइनीज मांझे को न कहो। पुलिस का संदेश साफ है कि पतंग उड़ाना मनोरंजन का हिस्सा है, लेकिन धारदार सिंथेटिक मांझा लोगों, पक्षियों और जानवरों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। सोशल मीडिया पर पुलिस के इस अंदाज को लेकर लोगों ने हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रियाएं भी दीं। कुछ यूजर्स ने इसे दिल्ली पुलिस का जेन-जी अंदाज बताया, जबकि कुछ ने कहा कि पुलिस समय के साथ अपनी संवाद शैली बदल रही है।
प्रतिबंधित चीनी मांझे की 1,518 रील जब्त, छह गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंधित चीनी और मेटैलिक-कोटेड मांझे के खिलाफ सघन अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। अपराध शाखा और मध्य जिला पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में कुल 1,518 रील को जब्त किया है और इस सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
पश्चिमी दिल्ली में अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए राजेश, आसद और सोहेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से प्रतिबंधित मांझे की 1,398 रील बरामद की हैं। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि पूर्व सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और मंगलवार रात दो बजे ख्याला-पश्चिम विहार नाले की ओर से रघुबीर नगर की तरफ आती हुई एक कार दिखाई दी। कार को रोककर उसमें सवार तीनों लोगों को पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान वाहन से कई प्लास्टिक बैग और गत्ते के डिब्बे मिले, जिनमें प्रतिबंधित मांझा था। मध्य जिला पुलिस ने तीन दुकानदारों को गिरफ्तार कर प्रतिबंधित मांझे की 120 रील जब्त की हैं। मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि एएटीएस टीम को लाल दरवाजा, पुरानी दिल्ली, हौजकाजी इलाके में चीनी मांझे को बेचने की खबर मिली। टीम ने सिरकी वालान, हौजकाजी से मोहम्मद अनस को पकड़ा। दूसरी कार्रवाई में पहाड़गंज की गली डोर वाली से हरिराम गली निवासी दीपक को पकड़ा। दरियागंज से अमीर आजम को पकड़ा।