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Cyber Crime: बैंक के डिप्टी मैनेजर ने जालसाजों से मिलकर ठगे 67.92 करोड़, एक ही खाते पर 159 शिकायतें दर्ज
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 11 Jun 2026 06:52 AM IST
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सार
आरोपी बैंक मैनेजर पवित्र कुमार बिस्वाल पूर्वी दिल्ली में एक सहकारी बैंक की न्यू कोंडली शाखा में उपप्रबंधक के तौर पर काम कर रहा था।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
कोऑपरेटिव बैंक (सहकारी बैंक) के डिप्टी मैनेजर (उप प्रबंधक) पवित्र कुमार बिस्वाल ने जालसाजों से हाथ मिला लिया। म्यूल अकाउंट (कमीशन पर मिलने वाला खाता) खुलवाने में उनकी सहायता की। जालसाजों ने ठगी की रकम को इस बैंक खाते में मंगवाया। आरोपी मैनेजर से साइबर ठगी की 159 शिकायतें जुड़ी पाई गई हैं।
इस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को लेने और उसे इधर उधर ठिकाने लगाने में किया जाता था। इसके जरिए लगभग 67.92 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी बैंक मैनेजर पवित्र कुमार बिस्वाल पूर्वी दिल्ली में एक सहकारी बैंक की न्यू कोंडली शाखा में उपप्रबंधक के तौर पर काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों के विश्लेषण के दौरान यह खाता जांच के दायरे में आया।
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जांचकर्ताओं ने पाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से दर्ज साइबर धोखाधड़ी की 159 शिकायतों में यह खाता शामिल था और इसका इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी से हासिल किए गए पैसे को लेने और स्थानांतरित करने के लिए किया गया था। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मामला दर्ज किया गया और साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन यादव को जांच के दौरान पता चला कि यह खाता महाकाल एंटरप्राइजेज के नाम से था और इसे शैलेंद्र कुमार यादव के नाम पर खोला गया था।
हालांकि, जब शैलेन्द्र का पता लगाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने खाता खोलने, बैंक शाखा जाने या खाता खोलने से जुड़े किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जांच में पता लगा कि शैलेंद्र की जानकारी और पहचान-पत्रों का उनकी सहमति के बिना खाता खोलने के लिए दुरुपयोग किया गया। अधिकारी ने बताया कि बैंक रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि बिस्वाल ने खाता खोलने को मंजूरी दी थी।
पूछताछ के दौरान डिप्टी मैनेजर बिस्वाल ने स्वीकार किया कि न तो उसने फर्म का भौतिक सत्यापन किया था और न ही खाता खोलने के दस्तावेज़ों में दिए गए पते पर वह गया था। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि बैंकिंग लेन-देन की जांच से पता चला है कि इस खाते में लगभग 67.92 करोड़ रुपये जमा किए गए और उसके जरिए स्थानांतरित किए गए। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर बिस्वाल को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।