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Delhi NCR News: रिश्वत कांडः पलवल नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह ने अदालत में दी अग्रिम जमानत की अर्जी
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल।
नगर परिषद पलवल कार्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में दस अप्रैल को पंद्रह हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए पटवारी सुनील कुमार को एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने जेल भेजा है। मामले में टीम के अधिकारियों ने पूछताछ के बाद बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को छोड़ दिया। पीड़ित ने विभाग के महानिदेशक एएस चावला को इस मामले की शिकायत दी। टीम ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर को जांच में शामिल होने के लिए 17ए का नोटिस दिया। वहीं गिरफ्तारी से बचने को लेकर बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत लगाई है। इस मामले में अदालत ने सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा है।
गौरतलब है कि गांव पातली निवासी धर्मसिंह को 6 फरवरी को आयकर विभाग ने 4 करोड़ 42 लाख रुपये का नोटिस जारी किया। पीड़ित धर्म सिंह ने बताया कि विभाग ने बिक्री की गई जमीन को नगर परिषद में क्षेत्र में शामिल कर लिया। उन्होंने कहा भूमि का सत्यापन के लिए नगर परिषद कार्यालय में अपना आवेदन किया। पीड़ित की आवेदन पर सुनिल पटवारी उन्हें आश्वासन दिया। बिल्डिंग इंस्पेक्टर का तबादला हो चुका है उनके स्थान पर हथीन के बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को अतिरिक्त पद मिला है। पीड़ित धर्म सिंह ने बताया कि जब वह सुनील पटवारी ने अपना कार्य कर दिया बाकी कार्य बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह से पोर्टल से होना था। जब वह बिल्डिंग इंस्पेक्टर से मिला तो उन्होंने परिषद कार्यालय के कमरा नंबर 10 में सुनील पटवारी को अपने साथ बुलाकर पंद्रह हजार रुपये की मांग कर दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम की पलवल चौकी में की।
एंटी करप्शन की टीम ने कार्रवाई कर आरोपी सुनील पटवारी को रंगे हाथ मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि दलजीत सिंह को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में टीम में शामिल जांच अधिकारी ने अदालत में कोई बयान दर्ज नहीं करवाए और आरोपी बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को छोड़ दिया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत विभाग के महानिदेशक एएस चावला से कर दी। जिस पर टीम ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को जांच में शामिल होने के लिए 17ए का नोटिस जारी किया गया।
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नगर परिषद पलवल कार्यालय में भ्रष्टाचार के मामले में दस अप्रैल को पंद्रह हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए पटवारी सुनील कुमार को एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने जेल भेजा है। मामले में टीम के अधिकारियों ने पूछताछ के बाद बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को छोड़ दिया। पीड़ित ने विभाग के महानिदेशक एएस चावला को इस मामले की शिकायत दी। टीम ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर को जांच में शामिल होने के लिए 17ए का नोटिस दिया। वहीं गिरफ्तारी से बचने को लेकर बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत लगाई है। इस मामले में अदालत ने सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा है।
गौरतलब है कि गांव पातली निवासी धर्मसिंह को 6 फरवरी को आयकर विभाग ने 4 करोड़ 42 लाख रुपये का नोटिस जारी किया। पीड़ित धर्म सिंह ने बताया कि विभाग ने बिक्री की गई जमीन को नगर परिषद में क्षेत्र में शामिल कर लिया। उन्होंने कहा भूमि का सत्यापन के लिए नगर परिषद कार्यालय में अपना आवेदन किया। पीड़ित की आवेदन पर सुनिल पटवारी उन्हें आश्वासन दिया। बिल्डिंग इंस्पेक्टर का तबादला हो चुका है उनके स्थान पर हथीन के बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को अतिरिक्त पद मिला है। पीड़ित धर्म सिंह ने बताया कि जब वह सुनील पटवारी ने अपना कार्य कर दिया बाकी कार्य बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह से पोर्टल से होना था। जब वह बिल्डिंग इंस्पेक्टर से मिला तो उन्होंने परिषद कार्यालय के कमरा नंबर 10 में सुनील पटवारी को अपने साथ बुलाकर पंद्रह हजार रुपये की मांग कर दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम की पलवल चौकी में की।
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एंटी करप्शन की टीम ने कार्रवाई कर आरोपी सुनील पटवारी को रंगे हाथ मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि दलजीत सिंह को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में टीम में शामिल जांच अधिकारी ने अदालत में कोई बयान दर्ज नहीं करवाए और आरोपी बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को छोड़ दिया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत विभाग के महानिदेशक एएस चावला से कर दी। जिस पर टीम ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को जांच में शामिल होने के लिए 17ए का नोटिस जारी किया गया।
