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Bulldozer Action: दिल्ली में आधी रात चला बुलडोजर, सोशल मीडिया पर खुला अफवाहों का बाजार; पुलिस एक्शन में
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:56 AM IST
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सार
देर रात जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अफवाह फैलानी शुरू कर दी। कुछ एडिटेड वीडियो के जरिये अवैध अतिक्रमण की जगह मस्जिद तोड़ने की अफवाह फैलाई गई।
तुर्कमान गेट के पास कार्रवाई।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तुर्कमान गेट क्षेत्र में एक मिस्जद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़क गई। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अमले और पुलिसकर्मियों पर उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज के साथ ही आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने पांच उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 25 अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस ने बुधवार सुबह चांदनी महल थाने में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। तनाव के मद्देनजर इलाके में अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में काशिफ, मो. कैफ, मो. अरीब, अदनान व समीर शामिल हैं। सीसीटीवी कैमरों से अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। क्षेत्र में भीड़ जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है। जोन के उपायुक्त विवेक अग्रवाल ने बताया, हाईकोर्ट के आदेश पर पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में मंगलवार देर रात अभियान चलाकर फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास करीब 36 हजार वर्गफीट जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई। इस दौरान एमसीडी की भूमि पर बने अवैध बैंक्वेट हॉल, एक डिस्पेंसरी व सामुदायिक भवन को ध्वस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट ने इसे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण घोषित किया था।
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सोशल मीडिया पर अफवाहें
तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही पर नगर निगम के एक्शन के बाद मंगलवार शाम से ही सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। देर रात जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अफवाह फैलानी शुरू कर दी। कुछ एडिटेड वीडियो के जरिये अवैध अतिक्रमण की जगह मस्जिद तोड़ने की अफवाह फैलाई गई। बवाल के वीडियो बनाकर लोगों ने मस्जिद बचाने की अपील करते हुए लाइव वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर शुरू कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बवाल के लिए इन वीडियो ने आग में घी का काम किया और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। बवाल के वीडियो भी शेयर किए जाने लगे। इन सोशल मीडिया के बीच पुलिस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि मस्जिद पर एक्शन नहीं हो रहा बल्कि अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ऐसे वीडियो के आधार पर इन्हें शेयर करने वालों की पहचान करने में जुटी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं ऐसा तो नहीं था अतिक्रमण हटाने की ड्राइव के दौरान जानबूझकर शरारती तत्वों ने हिंसा को भड़काने का प्रयास तो नहीं किया।
मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित, पत्थरबाजी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : सूद
तुर्कमान गेट इलाके में फैज ए इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना पर गृह मंत्री आशीष सूद ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अदालत के निर्देशों के तहत की जा रही थी और मस्जिद को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पत्थरबाजी स्वीकार्य नहीं है। मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी उकसावे में न आएं और शांति बनाए रखें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और शरारती तत्वों की पहचान में प्रशासन का सहयोग करने की जरूरत है।
कई मस्जिदों में नहीं अदा की गई नमाज
तुर्कमान गेट के पास अतिक्रमण ढहाने के बाद दरगाह फैज-ए-इलाही की मस्जिद और तुर्कमान गेट की बड़ी मस्जिद में बुधवार को नमाज अदा नहीं की गई। इन इलाकों में पुलिस ने आम लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगाई हुई थी। ऐसे में यहां कोई नमाज पढ़ने नहीं पहुंचा। बड़ी मस्जिद पर तो ताला लगा हुआ था। पुरानी दिल्ली की अधिकतर बाजार भी बंद रहे। डर के चलते लोग अपने घरों में कैद रहे।
पुलिस ने रणजीत सिंह मार्ग, आसफ अली रोड, तुर्कमान गेट बड़ी मस्जिद रोड समेत आसपास के कई इलाकों में आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद रखी। यही वजह रही कि लोगों ने अपने दफ्तर और काम पर जाने से भी परहेज किया। तुर्कमान गेट निवासी हाजी शमीम ने बताया कि मंगलवार रात को ही पुलिस ने दुकानदारों से बुधवार को मार्केट बंद रखने के लिए कह दिया था। ऐसे में तुर्कमान गेट की हैंडीक्राफ्ट मार्केट, बड़ी मस्जिद रोड मार्केट, सीताराम बाजार, तिराहा बेहरम खां, सुई वालान, चितली कब्र मार्केट समेत कई बाजार पूरी तरह बंद रहे।
मंगलवार देर रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने उपद्रव करने वालों के खिलाफ एक्शन लेते हुए उनको हिरासत में लेना शुरू कर दिया। लोगों का डर सता रहा था कि पुलिस कहीं गलती से उन्हें न उठा ले। अमूमन भीड़ से पटी रहने वाली पुरानी दिल्ली की सड़कों पर चहल-पहल न के बराबर ही दिखी। सूत्रों का कहना है कि जब तक मलबा पूरी तरह नहीं हट जाता जब तक एरिया में दुकानें बंद रहेंगी।
पथराव की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल टीम
तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए पथराव और बवाल की जांच अब स्पेशल टीम करेगी। मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन ने बताया कि जांच के लिए मध्य जिला की ऑपरेशंस यूनिट को केस ट्रांसफर कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल स्टाफ के एक इंस्पेक्टर को स्पेशल इन्वेस्टिगेटर नियुक्त किया गया है। एक एसीपी की निगरानी में उनकी मदद के लिए चार सब इंस्पेक्टर को भी लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच टीम ने अब तक पथराव की घटना में शामिल पांच लोगों की पहचान कर उनको गिरफ्तार कर लिया है। इनको कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। बाकी आरोपियों की पहचान के बाद उनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दिल्ली में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव, 25 उपद्रवी हिरासत में
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके की फैज-ए-इलाही मस्जिद के नजदीक मध्यरात्रि पुलिस फोर्स के साथ एमसीडी ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस बीच मस्जिद तोड़ने की अफवाह से बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। शांति बनाए रखने अपील को अनसुना कर भीड़ जब बेकाबू हो गई तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। बवाल बढ़ता देख अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर 25 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है। बवाल और पथराव के बीच दिल्ली पुलिस पांच जवान चोटिल हो गए।
पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनके नाम काशिफ, मो.कैफ, मो.अरीब, अदनान और समीर हैं। पुलिस ने एहतियातन क्षेत्र में बीएनएसएस धारा-163 (धारा-144) लगा दी है। भीड़ के जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है। पुलिस ने पूरे हालात पर नजर रखी हुई है। रामपुर से सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर भीड़ को भड़काने के आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसकी भी जांच की जा रही है। आरोपों पर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का कहना है कि कार्रवाई में प्रशासन की सच्ची श्रद्धा नजर नहीं आ रही। आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह लोगों से अमन और शांति की अपील करने गए थे। कार्रवाई करने से पहले मस्जिद कमेटी को कुछ समय दिया जाना चाहिए था। मध्य रेंज के संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली नगर निगम को दरगाह फैज-ए-इलाही में अवैध निर्माण को हटाना था। एरिया बहुत संवेदनशील है, ऐसे में पुलिस ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। मस्जिद कमेटी को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि बुधवार तड़के अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने से पहले अमन कमेटी के अलावा एरिया के तमाम लोगों के साथ बैठक भी की गई। मंगलवार देर रात करीब 2 बजे जैसे ही कार्रवाई शुरू की गई। अतिक्रमण हटाने के दौरान रामलीला मैदान और आसफ गली रोड के आसपास ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया।
बीएनएस की इन धाराओं में मामला दर्ज
बुधवार सुबह पुलिस ने बीएनएस की धारा 221/132/121/191(2)/191(3),223(A)/3(5) और 3 पीडीपीपी एक्ट-1984 (सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारी पर हमला, गंभीर चोट पहुंचाने, बलवा, हथियार लेकर बलवा करने, सरकारी आदेश का उल्लंघन, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
सोशल मीडिया के जरिये भीड़ उकसाने वालों की तलाश शुरू
पुलिस सीसीटीवी कैमरों के अलावा बॉडी वॉर्न कैमरों की मदद से उपद्रव करने वालों की पहचान करने के प्रयास कर रही है। उपद्रव के बीच सोशल मीडिया पर लोगों ने भीड़ को उकसाने के लिए खूब वीडियो शेयर किए। पुलिस ऐसे लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिये भीड़ को उकसाया।