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Delhi NCR News: कैग ने खोली विभागों की पोल, अब विधानसभा का डंडा, 31 जुलाई तक मांगा जवाब
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विभागों से मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट, स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के विशेष निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री और सचिव को भेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने कैग के हेल्थ ऑडिट को आधार बनाते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे 31 जुलाई तक अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करें। इस रिपोर्ट में 30 जून तक के अपने काम की प्रगति का पूरा ब्योरा देना होगा। विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 31 मार्च 2022 तक की अवधि की रिपोर्ट पर अपनी सिफारिशें दी थीं, जिन्हें अब लागू करने की दिशा में ये कदम उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने साफ कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी अच्छे शासन की बुनियाद होती हैं। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी अस्पतालों को मजबूत करना, सेवाओं का विस्तार करना और हर व्यक्ति तक अच्छी चिकित्सा सुविधा पहुंचाना जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री और सचिव को भेजा पत्र : विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को पत्र भेजकर समयबद्ध जवाब मांगा है। विभागों से कहा कि वे हर सिफारिश पर क्या कार्रवाई हुई, क्या वादा किया गया था और उसे पूरा करने की समय-सीमा क्या है, ये सब स्पष्ट रूप से बताएं। रिपोर्ट में सार्वजनिक अस्पतालों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई है। अब कोशिश ये है कि ऑडिट की बातें सिर्फ कागज तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर बदलाव दिखे।
बाकी विभागों को भी वही निर्देश : विधानसभा ने बाकी विभागों के संबंध में भी ऐसे ही निर्देश दिए हैं। इस कदम के जरिये विधानसभा एक मजबूत फॉलो-अप सिस्टम भी लागू करना चाहती है, ताकि पीएसी की सिफारिशें तय समय में अमल में लाई जा सकें। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि विभाग जवाबदेह रहें और काम में देरी न हो। अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में प्रशिक्षित स्टाफ, पर्याप्त संसाधन और सभी के लिए समान पहुंच बेहद जरूरी है। बीमा कवरेज बढ़ाने और रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।
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स्वास्थ्य मंत्री और सचिव को भेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने कैग के हेल्थ ऑडिट को आधार बनाते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे 31 जुलाई तक अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करें। इस रिपोर्ट में 30 जून तक के अपने काम की प्रगति का पूरा ब्योरा देना होगा। विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 31 मार्च 2022 तक की अवधि की रिपोर्ट पर अपनी सिफारिशें दी थीं, जिन्हें अब लागू करने की दिशा में ये कदम उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने साफ कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी अच्छे शासन की बुनियाद होती हैं। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी अस्पतालों को मजबूत करना, सेवाओं का विस्तार करना और हर व्यक्ति तक अच्छी चिकित्सा सुविधा पहुंचाना जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्री और सचिव को भेजा पत्र : विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को पत्र भेजकर समयबद्ध जवाब मांगा है। विभागों से कहा कि वे हर सिफारिश पर क्या कार्रवाई हुई, क्या वादा किया गया था और उसे पूरा करने की समय-सीमा क्या है, ये सब स्पष्ट रूप से बताएं। रिपोर्ट में सार्वजनिक अस्पतालों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई है। अब कोशिश ये है कि ऑडिट की बातें सिर्फ कागज तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर बदलाव दिखे।
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बाकी विभागों को भी वही निर्देश : विधानसभा ने बाकी विभागों के संबंध में भी ऐसे ही निर्देश दिए हैं। इस कदम के जरिये विधानसभा एक मजबूत फॉलो-अप सिस्टम भी लागू करना चाहती है, ताकि पीएसी की सिफारिशें तय समय में अमल में लाई जा सकें। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि विभाग जवाबदेह रहें और काम में देरी न हो। अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में प्रशिक्षित स्टाफ, पर्याप्त संसाधन और सभी के लिए समान पहुंच बेहद जरूरी है। बीमा कवरेज बढ़ाने और रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।