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वायुसेना के विंग कमांडर गिरफ्तार मामला : एयरफोर्स के ड्रोन व जेट की वीडियो व फोटो भेजे थे पाकिस्तान
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-आठ से 10 साथियों के मोबाइल में डाउनलोड कर दी थी एक खास एप
-सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में आए थे दोनों
पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली।
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर एम सबरवाल के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कहा कि आरोपी विंग कमांडर ने पाकिस्तान की महिला जासूस को एयरफोर्स के ड्रोन व जेट आदि की फोटो व वीडियो भेजी थी। आरोपी विंग कमांडर एम सबरवाल की पाकिस्तान की महिला जासूसी से बहुत जल्दी दोस्ती हो गई थी और महिला जो जानकारी मांगती थी विंग कमांडर उसे भेज देता था।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हनीट्रैप का शिकार विंग कमांडर का आरोपी महिला से टेलीग्राम के जरिए संपर्क में आया। इसके बाद जल्द ही दोनों की दोस्ती हो गई और दिन रात बात होने लगी। महिला ने खुद को भारतीय महिला बताया था। एक महीने से ज्यादा चली इस दोस्ती में महिला ने विंग कमांडर से काफी रक्षा सूचनाएं ले ली थीं। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विंग कमांडर ने महिला जासूस के कहने पर अपने आठ से 10 सहकर्मियों के मोबाइल में चोरी-छिपे एक खास एप डाउनलोड कर दी थी। इस एप के डाउनलोड होते ही सहकर्मियों के मोबाइल का एक्सेस पाक महिला जासूस के पास चला गया था। हालाकि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विंग कमांडर को सहकर्मियों के मोबाइल में एप लोड करने की गलती को एहसास हो गया था।
इसके बाद विंग कमांडर ने अगले दिन सहकर्मियों के मोबाइल से एप डिलीट कर दी थी। मूलरूप से जिरकपुर, पंजाब निवासी विंग कमांडर द्वारका में रहते हैं। उनकी पत्त्नी भी एयरफोर्स में कार्यरत रही हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट ने वायुसेना की खुफिया शाखा से मिली विशिष्ट जानकारी के आधार पर विंग कमांडर को 30 मई की रात दबोचा था। उसके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम तहत केस किया है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 7 जुलाई को अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया था।
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-सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में आए थे दोनों
पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली।
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर एम सबरवाल के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कहा कि आरोपी विंग कमांडर ने पाकिस्तान की महिला जासूस को एयरफोर्स के ड्रोन व जेट आदि की फोटो व वीडियो भेजी थी। आरोपी विंग कमांडर एम सबरवाल की पाकिस्तान की महिला जासूसी से बहुत जल्दी दोस्ती हो गई थी और महिला जो जानकारी मांगती थी विंग कमांडर उसे भेज देता था।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हनीट्रैप का शिकार विंग कमांडर का आरोपी महिला से टेलीग्राम के जरिए संपर्क में आया। इसके बाद जल्द ही दोनों की दोस्ती हो गई और दिन रात बात होने लगी। महिला ने खुद को भारतीय महिला बताया था। एक महीने से ज्यादा चली इस दोस्ती में महिला ने विंग कमांडर से काफी रक्षा सूचनाएं ले ली थीं। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विंग कमांडर ने महिला जासूस के कहने पर अपने आठ से 10 सहकर्मियों के मोबाइल में चोरी-छिपे एक खास एप डाउनलोड कर दी थी। इस एप के डाउनलोड होते ही सहकर्मियों के मोबाइल का एक्सेस पाक महिला जासूस के पास चला गया था। हालाकि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विंग कमांडर को सहकर्मियों के मोबाइल में एप लोड करने की गलती को एहसास हो गया था।
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इसके बाद विंग कमांडर ने अगले दिन सहकर्मियों के मोबाइल से एप डिलीट कर दी थी। मूलरूप से जिरकपुर, पंजाब निवासी विंग कमांडर द्वारका में रहते हैं। उनकी पत्त्नी भी एयरफोर्स में कार्यरत रही हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट ने वायुसेना की खुफिया शाखा से मिली विशिष्ट जानकारी के आधार पर विंग कमांडर को 30 मई की रात दबोचा था। उसके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम तहत केस किया है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 7 जुलाई को अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया था।
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