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दिव्यांगों के लिए सिनेमा और ओटीटी को बनाया जाए सुविधाजनक : हाईकोर्ट
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अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सीबीएफसी समेत सभी पक्षों की संयुक्त बैठक बुलाने का दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों में दिव्यांग दर्शकों के लिए एक्सेसिबिलिटी फीचर उपलब्ध कराने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को आपसी सहमति से व्यावहारिक समाधान निकालने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने 10 अगस्त को विकलांगता अधिकार कार्यकर्ता एवं वकील राहुल बजाज की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।
कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी), मिथ्री मूवी मेकर्स और अन्य संबंधित पक्षों की संयुक्त बैठक एक सप्ताह के भीतर बुलाने को कहा है। सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर व्यावहारिक समाधान पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी, जिसमें बैठक के नतीजों की समीक्षा की जाएगी।
बजाज ने 2024 में फिल्म ‘पुष्पा 2’ की रिलीज के आसपास याचिका दायर की थी। इसमें फिल्मों में दिव्यांग दर्शकों के लिए ऑडियो डिस्क्रिप्शन, समान भाषा में सबटाइटलिंग, कैप्शनिंग और भारतीय सांकेतिक भाषा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। याचिका में सिनेमाघरों में आवश्यक सहायक उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराने के लिए मंत्रालय और सीबीएफसी को उचित कदम उठाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया था। कोर्ट ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को पहले आपसी विचार-विमर्श के जरिए समाधान निकालने का अवसर दिया जाना उचित है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों में दिव्यांग दर्शकों के लिए एक्सेसिबिलिटी फीचर उपलब्ध कराने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को आपसी सहमति से व्यावहारिक समाधान निकालने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने 10 अगस्त को विकलांगता अधिकार कार्यकर्ता एवं वकील राहुल बजाज की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।
कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी), मिथ्री मूवी मेकर्स और अन्य संबंधित पक्षों की संयुक्त बैठक एक सप्ताह के भीतर बुलाने को कहा है। सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर व्यावहारिक समाधान पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी, जिसमें बैठक के नतीजों की समीक्षा की जाएगी।
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बजाज ने 2024 में फिल्म ‘पुष्पा 2’ की रिलीज के आसपास याचिका दायर की थी। इसमें फिल्मों में दिव्यांग दर्शकों के लिए ऑडियो डिस्क्रिप्शन, समान भाषा में सबटाइटलिंग, कैप्शनिंग और भारतीय सांकेतिक भाषा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। याचिका में सिनेमाघरों में आवश्यक सहायक उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराने के लिए मंत्रालय और सीबीएफसी को उचित कदम उठाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया था। कोर्ट ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को पहले आपसी विचार-विमर्श के जरिए समाधान निकालने का अवसर दिया जाना उचित है।
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