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Delhi: दिल्ली और पंजाब में डकैती में शामिल बदमाश 14 साल बाद यूपी से गिरफ्तार, कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 13 Apr 2026 02:32 AM IST
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सार

उस पर यूपी में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज है। साथ ही उस पर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
 

Criminal involved in robbery in Delhi and Punjab arrested after 14 years
demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अपराध शाखा ने दिल्ली और पंजाब में डकैती और लूटपाट के कई मामले में वांछित बदमाश को 14 साल बाद यूपी के गाेंडा से गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी अर्जुन प्रसाद के रूप में हुई है। उस पर यूपी में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज है। साथ ही उस पर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि लंबे समय से वांछित बदमाशों की तलाश थी। इसी दौरान पुलिस को अर्जुन प्रसाद के बारे में जानकारी मिली, जो 2012 से ही कई राज्यों में अपराध करने के बाद गायब था। दिल्ली के पंजाबी बाग, मोती नगर, पंजाब के लुधियाना स्थित मॉडल टाउन इलाके में डकैती और लूट के कई हाई-प्रोफाइल मामलों में इसकी तलाश थी।
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सूचना के आधार पर पुलिस ने 11 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस से बचने के लिए अपने पैतृक घर को छोड़ दिया था। पूछताछ में पता चला कि वह कई पुराने मामले में साजिशकर्ता है। इन सभी मामलों में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर चुका था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अर्जुन प्रसाद एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ डकैती, लूट, सेंधमारी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज है। हालांकि गोंडा पुलिस उसे पहले ही गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार कर चुकी है।

नाबालिग को घरों में नौकरी लगवाकर देता था वारदात को अंजाम
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अर्जुन प्रसाद, जवाहर, करण पासी, राजू और अनिल सोनी नाम के एक सुनार के साथ मिलकर गैंग चलाता था। वह अपने किसी नाबालिग सदस्य को उस घर में घरेलू नौकर की नौकरी दिलाता था, जहां उसे वारदात को अंजाम देना होता था। उसके जरिए आरोपी घर के अंदर मौजूद लोग, घर के नक्शे, कीमती सामान रखने की जगह और घर वालों के रोजमर्रा के कामों की जानकारी ले लेता था।

गैंग रात को वारदात को अंजाम देता था और लूटे गए गहनों को अनिल सोनी के जरिए ठिकाने लगाता था। पुलिस के मुताबिक 2012 में उसने पंजाबी बाग में एक घर से करीब 400 ग्राम सोना लूटा था। वारदात के दौरान बदमाशों ने मालकिन और उनके बेटे के हाथ-पैर बांधकर और उनके मुंह में कपड़ा ठूंसकर वारदात को अंजाम दिया था। इसी तरह 2016 में उसने मोती नगर में वारदात को अंजाम दिया था। यहां से गैंग ने 25 लाख के गहने और एक लाइसेंसी पिस्टल लूटकर भागे थे। यह मामला अनसुलझा था। वहीं 2018 में गैंग ने पंजाब के लुधियाना में 40 लाख नकद और 1.25 किलोग्राम सोना लूटा था।

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