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Delhi NCR News: एफएसएसएआई के आदेश को डाबर ने दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
डॉबर कंपनी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। आदेश में 100% शुद्ध, 100% प्राकृतिक, 100% शुद्धता की गारंटी और 100% जैविक जैसे दावों वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने का निर्देश दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। खंडपीठ ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी।
एफएसएसएआई ने 100% दावों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि ऐसे दावे अस्पष्ट, सत्यापित न होने वाले और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हो सकते हैं। यह आदेश शहद, गाय का घी, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन नारियल तेल, तिल का तेल, नारियल पानी और नारियल दूध सहित कई उत्पादों पर लागू होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई खाद्य लेबल पर पूर्ण 100% दावों के खिलाफ एफएसएसएआई के व्यापक अभियान का हिस्सा है। नियामक का कहना है कि ऐसे दावे उत्पाद की गुणवत्ता या संरचना के बारे में अतिरंजित प्रभाव पैदा कर सकते हैं।
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नई दिल्ली।
डॉबर कंपनी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। आदेश में 100% शुद्ध, 100% प्राकृतिक, 100% शुद्धता की गारंटी और 100% जैविक जैसे दावों वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने का निर्देश दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। खंडपीठ ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी।
एफएसएसएआई ने 100% दावों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि ऐसे दावे अस्पष्ट, सत्यापित न होने वाले और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हो सकते हैं। यह आदेश शहद, गाय का घी, एप्पल साइडर विनेगर, वर्जिन नारियल तेल, तिल का तेल, नारियल पानी और नारियल दूध सहित कई उत्पादों पर लागू होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई खाद्य लेबल पर पूर्ण 100% दावों के खिलाफ एफएसएसएआई के व्यापक अभियान का हिस्सा है। नियामक का कहना है कि ऐसे दावे उत्पाद की गुणवत्ता या संरचना के बारे में अतिरंजित प्रभाव पैदा कर सकते हैं।
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