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Delhi: लक्ष्मी के लिए पहले 12 घंटे में 33,730 पंजीकरण, पोर्टल लॉन्च; रक्षाबंधन तक पहली किस्त देने की तैयारी
Sun, 02 Aug 2026 02:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 02 Aug 2026 02:22 AM IST
सार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना का शुभारंभ करते हुए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किया। योजना के तहत शुरुआती चरण में करीब 17 लाख पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
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दिल्ली लक्ष्मी योजना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
करीब डेढ़ साल के इंतजार के बाद दिल्ली की लाखों गरीब और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए शनिवार बड़ी सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली लक्ष्मी योजना का शुभारंभ करते हुए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किया। योजना के तहत शुरुआती चरण में करीब 17 लाख पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
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योजना को लेकर पहले ही दिन महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पोर्टल शुरू होने के पहले 12 घंटे में 33,730 महिलाओं ने पंजीकरण कराया, 1,940 आवेदन अंतिम रूप से जमा हुए, जबकि 9,170 से अधिक आवेदन विधायक की अनुशंसा के इंतजार में लंबित रहे।
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पूर्वी दिल्ली के डीएम कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वयं कई महिलाओं के आवेदन भरवाए, उन्हें प्रमाणपत्र सौंपे और गुलाब देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना की शुरुआत लक्ष्मी नगर और गीता कॉलोनी से इसलिए की गई क्योंकि यह ‘लक्ष्मी’ योजना है।
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उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता देने की योजना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। किसी ने इसे घर की आर्थिक मजबूती का सहारा बताया तो किसी ने कहा कि अब छोटे-छोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कई महिलाओं ने कहा कि पहली बार उन्हें महसूस हुआ है कि सरकार ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को समझा है। अब उन्हें पहली किस्त का इंतजार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का जो वादा किया गया था, उसे अब पूरा किया गया है। पहले इस योजना को ‘महिला समृद्धि योजना’ नाम दिया गया था, लेकिन महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की भावना को ध्यान में रखते हुए इसका नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ रखा गया। सरकार ने इसके लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। शुरुआती तीन वर्षों में करीब 17 लाख महिलाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य है।
सिर्फ पैसा नहीं, आर्थिक अनुशासन भी
योजना की खास बात यह है कि इसे केवल नकद सहायता तक सीमित नहीं रखा गया है। लाभार्थियों को दो विकल्प मिलेंगे। पहले विकल्प में हर महीने 1,000 रुपये डिजिटल वॉलेट में मिलेंगे, जबकि 1,500 रुपये आरडी या एफडी में जमा होंगे। दूसरे विकल्प में पूरे 2,500 रुपये आरडी या एफडी में जमा कराए जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं में नियमित बचत की आदत विकसित होगी और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
परिवार की जरूरतों पर ही खर्च होगा पैसा
डिजिटल वॉलेट से मिलने वाली राशि के उपयोग पर भी कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। इससे शराब, तंबाकू, नशीले पदार्थ, जुआ, सट्टेबाजी और लॉटरी जैसी वस्तुओं की खरीद नहीं की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे सहायता राशि का उपयोग परिवार और बच्चों की जरूरतों पर ही होगा। योजना का पूरा संचालन डिजिटल पोर्टल के माध्यम से होगा।
हर आवेदन चार स्तर की जांच से गुजरेगा, गलत जानकारी देने पर होगी वसूली
आवेदन, दस्तावेजों की जांच, पात्रता का सत्यापन, मंजूरी और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। प्रत्येक आवेदन चार स्तर की जांच से गुजरेगा। आधार, दिल्ली में निवास, मतदाता सूची, आय, बिजली खपत, वाहन, सरकारी नौकरी समेत अन्य मानकों के आधार पर पात्रता तय की जाएगी। गलत जानकारी देने पर राशि की वसूली और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।
परिवार की सबसे वरिष्ठ पात्र महिला कर सकेगी आवेदन
योजना के तहत परिवार की सबसे वरिष्ठ पात्र महिला आवेदन कर सकेगी। आवेदक की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये तक हो। आवेदक या उसके माता-पिता अथवा पति का कम से कम दस वर्षों से दिल्ली का निवासी होना आवश्यक है। साथ ही महिला का दिल्ली का पंजीकृत मतदाता होना भी अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को भविष्य में स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास, उद्यमिता और अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे स्थायी रूप से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
ऐसे करें आवेदन
- www.dly.delhi.gov.in पोर्टल खोलें।
- मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।
- आधार और अन्य आवश्यक जानकारी भरें।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- बैंक खाता या डिजिटल वॉलेट लिंक करें।
- भुगतान का विकल्प चुनें।
- आवेदन जमा करें और पोर्टल पर उसकी स्थिति देखें।