Delhi Assembly: धमकी भरे ईमेल के बाद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को मिली Z सिक्योरिटी, विधानसभा की किलाबंदी शुरू
Delhi Assembly News: दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को गुरुवार को जानलेवा ईमेल और बम की लगातार मिल रही धमकियों के बाद जेड सुरक्षा दी गई है। वहीं विधानसभा परिसर को भी किले में तब्दील किया जा रहा है। यहां भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
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दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को लगातार मिल रही बम धमकियों और हालिया सुरक्षा चूक के बाद जेड श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई है। इसके साथ ही विधानसभा परिसर की सुरक्षा भी पूरी तरह मजबूत की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें जेड श्रेणी सुरक्षा कवर दिया गया है। यह फैसला तब लिया गया है, जब विधानसभा सचिवालय और अध्यक्ष कार्यालय को आधिकारिक ईमेल आईडी पर करीब 6 से 7 धमकी भरे ईमेल मिले। इन ईमेल में बम धमाके की धमकी दी गई थी।
इन धमकियों के अलावा हाल ही में विधानसभा परिसर में एक बड़ी सुरक्षा चूक भी सामने आई थी। एक व्यक्ति विधानसभा के गेट पार कर अंदर पहुंच गया और अध्यक्ष की गाड़ी में एक संदिग्ध वस्तु रखकर चला गया। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और पूरे इंतजाम की समीक्षा की गई।
नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत अब विजेंद्र गुप्ता के साथ 24 घंटे विशेष सुरक्षा टीम तैनात रहेगी। उनके काफिले के साथ हर समय एक एस्कॉर्ट वाहन चलेगा। सुरक्षा टीम की कमान एक प्रभारी अधिकारी के हाथ में होगी, जबकि प्रशिक्षित कमांडो भी साथ रहेंगे। सार्वजनिक कार्यक्रमों और आधिकारिक दौरों के दौरान भी उनकी सुरक्षा पहले से ज्यादा कड़ी रहेगी।
वहीं, दिल्ली विधानसभा परिसर में भी सुरक्षा के बड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी प्रवेश द्वारों पर ऑटोमेटिक बूम बैरियर लगाए जा रहे हैं, ताकि आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की जांच अनिवार्य रूप से हो सके। बैग और सामान की भी सख्ती से जांच की जाएगी। इसके अलावा परिसर में सीआरपीएफ की क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) वाहन समेत तैनात कर दी गई है। ये टीम लगातार गश्त करेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी।
विधानसभा सचिवालय की ओर से कहा गया है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यक्ष और विधानसभा की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। नए इंतजामों से विधानसभा परिसर को पूरी तरह सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है।
