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Ground Report: ट्रैफिक कर्मियों की कमी से जूझ रही दिल्ली को गूगल का सहारा, तकनीक बनेगी मददगार; AI होगी असरदार

पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 25 Feb 2026 06:07 AM IST
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सार

आर्केडिस कंपनी के जरिये गूगल से गठजोड़ इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को बेहतर बनाने और सड़कों पर वाहनों के प्रवाह को सुव्यवस्थित करने के लिए किया गया है।

Delhi, grappling with a shortage of traffic personnel, gets Google's help
Traffic jam in Delhi - फोटो : PTI
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विस्तार

राजधानी में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की कमी से जूझ रही दिल्ली पुलिस अब जाम से निपटने के लिए गूगल से गठजोड़ करके इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने में जुटी है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) नीरज ठाकुर ने बताया कि जाम का रियल टाइम डाटा का तुरंत विश्लेषण करके प्रभावित जगह पर तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करते हैं। गृह मंत्रालय ने 300 जवान यातायात व्यवस्था के लिए स्वीकृत किए हैं। बता दें कि वर्तमान में 6000 पद के सापेक्ष 4500 जवान ही कार्यरत हैं जिनमें से 3800 यातायात संभाल रहे हैं। 1500 पद अब भी रिक्त हैं। गौर करने वाली बात यह कि 6000 पद काफी पहले स्वीकृत किए गए हैं जो वर्तमान में वाहनों की संख्या के हिसाब से बेहद कम हैं। राजधानी में 78 लाख वाहन पंजीकृत हैं जबकि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की संख्या भी जोड़ दी जाए तो यह आंकड़ा 90 लाख पहुंच जाता है।

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जाम से निपटने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अपना रही आधुनिक तकनीक
आर्केडिस कंपनी के जरिये गूगल से गठजोड़ इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को बेहतर बनाने और सड़कों पर वाहनों के प्रवाह को सुव्यवस्थित करने के लिए किया गया है। नीरज ठाकुर ने बताया कि इस टाइअप का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक कम करना है। ट्रैफिक पुलिस एसआई-आधारित स्मार्ट सिग्नल, एएनपीआर कैमरे, स्वचालित ई-चालान और रियल-टाइम मॉनिटरिंग का इस्तेमालन करती है। ट्रैफिक प्रहरी एप, मैन्युअल पेट्रोलिंग, क्रेन के जरिये अवैध पार्किंग हटाना और सोशल मीडिया के जरिये यात्रियों को अपडेट्स देना भी सुचारु यातायात की दिशा में की गई कवायद है। ठाकुर ने बताया कि 62 कंजेशन हॉटस्पॉट की पहचान कर ली गई है और इसकी जानकारी सरकार को दे दी गई है। सचिव स्तर पर इस संबंध में कार्यवाही की जा रही है।

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  • 300 से अधिक जगहों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर ) कैमरे लगे हैं
  • स्मार्ट सिग्नल के जरिये यातायात के घनत्व के अनुसार लाइटें समय अपने आप बदल लेती हैं
  • नागरिकों की सहायता के लिए 1095 या 011-25844444 नंबर एक्स पर उपलब्ध

ट्रैफिक पुलिस ये सिस्टम लागू करने जा रही है
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस जल्द ही 1000 से अधिक सिग्नलों पर एसआई-आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर रही है, जिसमें एएनपीआर कैमरे, स्वचालित चालान और स्मार्ट सिग्नल शामिल हैं। इस प्रणाली का उद्देश्य वास्तविक समय की निगरानी, जाम कम करना और यात्रा समय को घटाना है। दिल्ली के बाजारों में ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने के लिए राइट-लेफ्ट पार्किंग का ट्रायल किया जा रहा है, जिसमें सड़क के एक ओर ही पार्किंग की अनुमति होगी। आईटीएमएस के तहत 30 अतिरिक्त कॉरिडोर, 620 सिग्नल जंक्शन और 522 प्रवर्तन स्थानों को शामिल करने की योजना है, जो 24 महीनों के भीतर पूरा होगा। यात्रियों को रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट और सहायता प्रदान करने के लिए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और हेल्पलाइन नंबर (1095/011-25844444/8750871493) के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।


जनता सुधरेगी नहीं तो एआई कैसे सुधारेगा ट्रैफिक
राजधानी दिल्ली का ट्रैफिक इसलिए नहीं बिगड़ा कि सिस्टम कमजोर है, बल्कि इसलिए बिगड़ा है क्योंकि सड़क पर चलने वाली जनता खुद नियमों को बोझ समझती है। एआई, कैमरे और स्मार्ट सिस्टम अपनी जगह हैं, लेकिन जब लोग सिग्नल तोड़ेंगे, गलत जगह गाड़ी खड़ी करेंगे और अपनी जल्दी को कानून से ऊपर रखेंगे तो एआई भी आ जाए तो भी समस्या नहीं सुधरेगी। जाम में फंसी जनता अक्सर प्रशासन को कोसती है, लेकिन सवाल ये है कि क्या जनता खुद ट्रैफिक अनुशासन निभा रही है? हर दूसरा वाहन गलत लेन में घुसने को तैयार है, तब एआई भी सिर्फ देख सकती है, रोक नहीं सकती।

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