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Delhi High Court: केजरीवाल की अदालती बहस का वीडियो सोशल मीडिया से हटाने के आदेश, कोर्ट ने कहा यह नियम उल्लंघन
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 16 Apr 2026 01:53 AM IST
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सार
अदालत ने स्पष्ट किया कि अदालती कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग और प्रसारण दिल्ली उच्च न्यायालय के ऑनलाइन सुनवाई नियमों का उल्लंघन है।
दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा न्यायमूर्ति स्वराना कांता शर्मा के समक्ष एक्साइज पॉलिसी मामले में दी गई बहस का अनधिकृत वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से तुरंत हटा दिया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि अदालती कार्यवाही की अनधिकृत रिकॉर्डिंग और प्रसारण दिल्ली उच्च न्यायालय के ऑनलाइन सुनवाई नियमों का उल्लंघन है।
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उच्च न्यायालय के एक अधिकारी ने बताया कि हमने कदम उठा लिए हैं। केजरीवाल का वीडियो इनमें से एक है। पहले भी हमने कार्रवाई की है और जब भी ऐसी घटनाएं हमारे संज्ञान में आती हैं, हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों को लिखकर कार्रवाई कराते हैं।
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अधिकारी ने कहा कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो अपलोड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह आदेश 13 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के बाद सामने आया, जिसमें केजरीवाल ने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा से एक्साइज पॉलिसी मामले से रिक्यूजल (खुद को मामले से अलग करने) की मांग की थी। केजरीवाल ने एक घंटे से अधिक समय तक दलीलें दीं, जिनका वीडियो तुरंत वायरल हो गया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को संबोधित करते हुए केजरीवाल की रिक्यूजल याचिका का विरोध किया। फरवरी 2026 में ट्रायल कोर्ट ने कथित आबकारी घोटाला मामले में केजरीवाल समेत 22 आरोपियों को बरी कर दिया था, लेकिन सीबीआई ने उच्च न्यायालय में इस आदेश को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा इस याचिका पर सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं ने न्यायमूर्ति शर्मा से रिक्यूजल की मांग की थी, जिसमें पूर्व आदेशों, मामले के संचालन और आरएसएस की कानूनी इकाई अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (एबीएपी) के कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति का हवाला दिया गया था।
